नैनीताल कांड: आरोपी उस्मान सलाखों के पीछे लेकिन रसूख का भय बरकरार, ओहदेदार ने भी न की मासूम की मां की मदद

 

नैनीताल में बालिका से दुष्कर्म का आरोपी उस्मान भले ही सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया, लेकिन उसके रसूख का भय अब भी बरकरार है। घटना और 18 दिन बाद आरोपी की बमुश्किल हुई गिरफ्तारी के बीच में असहनीय पीड़ा झेलने वाली पीड़िता और परिवार जान की सुरक्षा को लेकर चिंतित था।

बाद में प्रशासनिक दखल से यह परिवार तो किसी तरह सुरक्षा के घेरे में आ गया, मगर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से इस परिवार की मदद कर रहे लोगों में निजी सुरक्षा की चिंता है। दुराचार की सूचना के बाद शहर में बुधवार रात्रि हुए बवाल के बाद शहर में अब शांति है, लेकिन लोगों के बीच यही चर्चा है कि क्या पीड़िता को न्याय मिलेगा और आरोपी को सजा होगी?

 

 

“दोनों बच्चियां काफी शालीन और सबकी चहेती”
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने रविवार को शहर के संबंधित क्षेत्र के लोगों से बातचीत की तो वे चुपी साधे रहे। उनके मन में आरोपी के रसूख का डर देखा गया। उनका कहना था कि माता-पिता से दूर रहने के बावजूद दोनों बच्चियां काफी शालीन और सबकी चहेती हैं। उन्हें यकीन नहीं हो रहा उन्होंने जिस बच्ची को नवरात्र में देवी मानकर पूजा, क्षेत्र के बुजुर्ग दरिंदे ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

 

बताया जाता है कि घटना का पता चलने के बाद एफआईआर दर्ज कराने के लिए दस दिन तक पीड़िता की मां उन बड़े ओहदेदारे के पास गई, जिनके घर में कभी वह काम करती थी। लेकिन उसके रसूख के आगे किसी ने मदद नहीं की। बाद में एक समाजसेवी की मदद से उसकी न्याय की जंग शुरू हुई। निजी सुरक्षा को देखते हुए पीड़िता की मदद करने वाले लोग किसी मीडिया और अन्य को बयान देने से बच रहे हैं। मुकदमा चलने के दौरान भी वह दिक्कतें खड़ी कर सकता है।

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परिजनों पर लगे हैं आरोप 
आरोपी उस्मान पर इससे पहले तो आपराधिक मामले का कोई आरोप नहीं लगा, मगर परिवार के एक सदस्य पर मुन्ना भाई एमबीबीएस होने की बात उठी, बाद में उसे क्लीन चिट मिली। एक अन्य सदस्य ने पड़ोस में रहने वाली हिंदू परिवार की लड़की से शादी की, लेकिन बाद में उसे तलाक दे दिया। एक और सदस्य का मारपीट आदि में नाम आया था।

 

बाजार से अपने घर ले गया और गैराज में कार खड़ी कर किया दुराचार
नैनीताल में बालिका से दुष्कर्म के मामले में उसकी मां की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें कहा गया है कि ठेकेदार उस्मान बच्ची को बाजार से अपने घर ले गया और वहां गैराज में खड़ी कार में उससे दुराचार किया। विरोध किया तो चाकू दिखाते हुए उसके मुंह पर कपड़ा बांध दिया। घटना बताने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दे दी थी। तहरीर में मां ने बताया कि पहली शादी से उसकी दो बेटियां हैं, जो एक निजी स्कूल में कक्षा सात और आठ में पढ़ती हैं। उसकी दूसरी शादी 2016 में यूपी के संभल जिले में हुई है।

 

यहां रह रही बच्चियों की देखरेख के लिए वह संभल से आती-जाती रहती है। आगे बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह संभल में ही थीं। उसकी छोटी बेटी 12 अप्रैल की शाम बाजार से सामान खरीदने गई थी। वहीं से ठेकेदार उस्मान उसे दो सौ रुपये का लालच देकर अपने घर ले गया। फिर गैराज में खड़ी कार में उससे दुष्कर्म किया।

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पीड़ित व बहन को हॉस्टल वाले स्कूल में दाखिले के प्रयास 
नैनीताल जिला प्रशासन ने पीड़ित बालिका की काउंसलिंग कर उसे सामान्य स्थिति में लाने और इसके बाद उसकी बेहतर शिक्षा का प्रारूप तैयार कर लिया है। ताकि पीड़िता और उसकी बहन को बेहतर शिक्षा देकर स्वावलंबी बनाया जा सके, जिससे परिवार का भविष्य बेहतर हो सके। शहर में हुई घटना विभिन्न माध्यमों से देश भर में प्रचारित हो गया है। संवेदनशील मामले में हर कोई आरोपी को सख्त सजा देने और पीड़िता को हर बेहतर सुविधा देने की मांग कर रहा है।

 

मामले की संवेदनशीलता व गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इसका संज्ञान लिया। उन्होंने जिले के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों से बात कर निर्देश दिए। इसी के बाद पीड़िता व उसकी बड़ी बहन को हॉस्टल वाले स्कूल में शिक्षा दिलाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। इससे बेहतर सुरक्षा भी रह सकेगी। बेटी की असहनीय पीड़ा से आहत मां को अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद जगी है।

 

 

बालिका की स्थिति होने लगी है सामान्य 
बीते लगभग एक पखवाड़े से असहनीय पीड़ा झेलने वाली पीड़िता, काउंसलिंग व अन्य चिकित्सा उपचार के बाद सामान्य होने लगी है। अपनी बातों को बमुश्किल इशारों में बताने वाली बच्ची हल्का बोलने भी लगी है और उससे विशेष लगाव रखने वालों से आइसक्रीम, चॉकलेट सरीखी अपनी पसंद की चीजों की मांग भी कर रही है।

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