नागालैंड सरकार का फैसला- स्कूल एडमिशन और सरकारी नौकरी में सिर्फ जन्म प्रमाण पत्र मान्य

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नागालैंड सरकार ने स्कूल में दाखिले, सरकारी नौकरी और कई तरह की आधिकारिक सेवाओं तक पहुंच के लिए जन्म प्रमाण पत्र को एकमात्र अनिवार्य दस्तावेज बना दिया है।अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी, मूल्यांकन एवं सूचना एवं संचार सलाहकार एस. सेथरोनक्यू संगतम ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने नागालैंड जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) नियम, 2024 को लागू कर दिया है।

संगतम ने कहा कि जन्म और मृत्यु का पंजीकरण एक जरूरी राज्य जिम्मेदारी है जो व्यक्तियों की कानूनी पहचान स्थापित करता है और कल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रभावी योजना बनाने में सक्षम बनाता है।

 

जन्म प्रमाण पत्र को लेकर नए नियम

अधिकारियों ने बताया कि नागरिक पंजीकरण एक लगातार चलने वाली और अनिवार्य प्रक्रिया है, जिसमें जन्म, मृत्यु, विवाह, घातक मृत्यु और तलाक जैसी महत्वपूर्ण घटनाएं शामिल होती हैं। उन्होंने कहा कि जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में संसद द्वारा 2023 में संशोधन किया गया था, जो 1 अक्तूबर 2023 से पूरे देश में लागू हो चुका है।

इसी के तहत नागालैंड विधानसभा ने नागालैंड जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) नियम, 2024 को मंजूरी दी, जिसे 8 फरवरी 2025 को अधिसूचित किया गया। संशोधित नियमों के अनुसार अब जन्म प्रमाण पत्र ही स्कूल में दाखिला, सरकारी नौकरी, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार (UID) पंजीकरण, विवाह प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी कार्यों के लिए एकमात्र मान्य दस्तावेज होगा। साथ ही, 1 अक्तूबर 2023 से पहले या उसी दिन जन्मे व्यक्तियों के लिए भी जन्म तिथि और जन्म स्थान का एकमात्र प्रमाण जन्म प्रमाण पत्र ही माना जाएगा।

जन्म प्रमाण पत्र को लेकर नए नियम

अधिकारियों ने बताया कि नागरिक पंजीकरण एक लगातार चलने वाली और अनिवार्य प्रक्रिया है, जिसमें जन्म, मृत्यु, विवाह, घातक मृत्यु और तलाक जैसी महत्वपूर्ण घटनाएं शामिल होती हैं। उन्होंने कहा कि जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में संसद द्वारा 2023 में संशोधन किया गया था, जो 1 अक्तूबर 2023 से पूरे देश में लागू हो चुका है।

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इसी के तहत नागालैंड विधानसभा ने नागालैंड जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) नियम, 2024 को मंजूरी दी, जिसे 8 फरवरी 2025 को अधिसूचित किया गया। संशोधित नियमों के अनुसार अब जन्म प्रमाण पत्र ही स्कूल में दाखिला, सरकारी नौकरी, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार (UID) पंजीकरण, विवाह प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी कार्यों के लिए एकमात्र मान्य दस्तावेज होगा। साथ ही, 1 अक्तूबर 2023 से पहले या उसी दिन जन्मे व्यक्तियों के लिए भी जन्म तिथि और जन्म स्थान का एकमात्र प्रमाण जन्म प्रमाण पत्र ही माना जाएगा।

पंजीकरण को लेकर सरकार की अपील और नई व्यवस्था

उन्होंने नागरिकों से समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करने का आग्रह किया और कहा कि स्कूल प्रमाणपत्र जैसे अन्य दस्तावेजों पर निर्भर रहना अब पर्याप्त नहीं होगा।

पंजीकरण सेवाओं तक पहुंच में सुधार के लिए, राज्य ने नागालैंड भर में 1,474 पंजीकरण केंद्र स्थापित किए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में, प्रत्येक मान्यता प्राप्त गांव में पंजीकरण इकाइयां स्थापित की गई हैं, जहां सरकारी शिक्षकों को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी पंजीकरण इकाइयों के रूप में कार्य करते हैं, जहां प्रभारी नर्स रजिस्ट्रार के रूप में कार्य करती हैं।

शहरी क्षेत्रों में, पंजीकरण सुविधाएं अर्थशास्त्र और सांख्यिकी निदेशालय, जिला अर्थशास्त्र और सांख्यिकी अधिकारियों के कार्यालयों और सभी जिला अस्पतालों में उपलब्ध हैं।

पंजीकरण प्रक्रिया में किए गए अहम बदलाव

अधिकारियों ने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं। अब 30 दिन से अधिक लेकिन एक वर्ष के भीतर विलंब से पंजीकरण कराने पर नोटरीकृत शपथ पत्र की जरूरत नहीं होगी। इसकी जगह, सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के साथ स्व-सत्यापित दस्तावेज ही पर्याप्त माना जाएगा।

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वहीं, एक वर्ष से अधिक विलंबित पंजीकरण के मामलों में प्रक्रिया को तेज करने के लिए अब जिला मजिस्ट्रेट या अधिकृत उप-विभागीय मजिस्ट्रेट द्वारा स्वीकृति दी जाएगी। इसके अलावा, संशोधित नियमों के तहत जन्म प्रमाण पत्र में बच्चे के नाम में संक्षिप्ताक्षर (initials) लिखने पर भी रोक लगा दी गई है।

 


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