शरद पूर्णिमा पर सोलह कलाओं से युक्त होगा चंद्रमा, नोट कर लें पूजा- विधि और शुभ मुहूर्त

Spread the love

आश्विन शुक्ल पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा आदि नामों से जाना जाता है। साल में 12 पूर्णिमा में यह पूर्णिमा सबसे श्रेष्ठ मानी जाती है।
शरद पूर्णिमा पर सोलह कलाओं से युक्त होगा चंद्रमा, नोट कर लें पूजा- विधि और शुभ मुहूर्त
आश्विन शुक्ल पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा आदि नामों से जाना जाता है। साल में 12 पूर्णिमा में यह पूर्णिमा सबसे श्रेष्ठ मानी जाती है। इस पूर्णिमा में चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से युक्त होता है। इसके अलावा इसी पूर्णिमा पर भगवान कृष्ण ने ब्रज मंडल में गोपियों के साथ रासलीला की थी। इसलिए इसे रास पूर्णिमा कहते हैं।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन समुद्र मंथन से माता लक्ष्मी प्रकट हुई थी। इस दिन मां लक्ष्मी के पूजन करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। माता लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है और सुख समृद्धि आती है। इस पूर्णिमा का एक नाम को जाकर व्रत भी है। को शब्द संस्कृत भाषा के जागृति से बना हुआ है।

पूजा -विधि-

इस पावन दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का बहुत अधिक महत्व होता है। आप नहाने के पानी में गंगा जल डालकर स्नान भी कर सकते हैं। नहाते समय सभी पावन नदियों का ध्यान कर लें।
नहाने के बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें।
शुक्र के तुला राशि में प्रवेश करते ही इन राशियों पर कृपा करेंगी मां लक्ष्मी, देखें क्या आप भी हैं इस लिस्ट में शामिल

और पढ़े  मुश्किल में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद! पहले थे गिरफ्तारी के लिए तैयार, अब जमानत के लिए पहुंचे HC

सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें।
पूर्णिमा के पावन दिन भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना का विशेष महत्व होता है।
इस दिन विष्णु भगवान के साथ माता लक्ष्मी की पूजा- अर्चना भी करें।
भगवान विष्णु को भोग लगाएं। भगवान विष्णु के भोग में तुलसी को भी शामिल करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी के बिना भगवान विष्णु भोग स्वीकार नहीं करते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें।
इस पावन दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का अधिक से अधिक ध्यान करें।
पूर्णिमा पर चंद्रमा की पूजा का भी विशेष महत्व होता है।
चंद्रोदय होने के बाद चंद्रमा की पूजा अवश्य करें।
चंद्रमा को अर्घ्य देने से दोषों से मुक्ति मिलती है।
इस दिन जरूरतमंद लोगों की मदद करें।
अगर आपके घर के आसपास गाय है तो गाय को भोजन जरूर कराएं। गाय को भोजन कराने से कई तरह के दोषों से मुक्ति मिल जाती है


Spread the love
  • Related Posts

    शाम 7 बजे सब खत्म, 36 घंटे में कानपुर सेंट्रल को उड़ाने की दूसरी बार मिली धमकी, ये मामला निकला

    Spread the love

    Spread the loveकानपुर सेंट्रल स्टेशन को शाम सात बजे बम से उड़ा दिया जाएगा… सब कुछ खत्म हो जाएगा। यह सूचना शुक्रवार की शाम कमिश्नरी पुलिस के कंट्रोल रूम पर…


    Spread the love

    CM योगी बोले- न बने और न बिके अवैध और जहरीली शराब, होली के दौरान विशेष सतर्कता बरतें

    Spread the love

    Spread the loveमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश दिए कि आबकारी विभाग होली के दौरान विशेष सतर्कता बरते और अवैध व जहरीली…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *