संसद का मानसून सत्र आज से शुरू होने जा रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद पहुंचे। इस अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मानसून हो या संसद का मानसून सत्र, अगर दोनों सक्रिय रहें तो बहुत फलदायी साबित होते हैं। इससे देश का कल्याण और सभी जीवों की भलाई होती है। प्रधानमंत्री ने प्रार्थना की कि यह मानसून और मानसून सत्र, दोनों ही देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए उत्पादक साबित हों।
वैश्विक संकट के बीच मजबूत अर्थव्यवस्था
पीएम मोदी ने वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में युद्ध का खतरा बना हुआ है। पश्चिम एशिया के संघर्ष ने भारत जैसे उन देशों के लिए बड़ा संकट पैदा किया जो ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। इसके कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, उर्वरक और रसायनों को लेकर कई बाधाएं आईं। इन सबके बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनकर उभरा। यह भारत की आंतरिक ताकत को दिखाता है।
रिफॉर्म एक्सप्रेस और नए प्रोजेक्ट्स
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार होने के कारण ही युवा इतना साहस दिखा पा रहे हैं। हाल ही में राजस्थान में एक बड़ी तेल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई। कुछ हफ्ते पहले तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट और एक ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत की गई। भारत की हाइड्रोजन ट्रेन में सबसे शक्तिशाली इंजन है और यह अपनी तरह की सबसे लंबी ट्रेन है। यह सफलता देश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, उद्यमियों और श्रमिकों की मेहनत का परिणाम है।
संसद में तथ्यों और तर्क पर हो चर्चा
संसद की कार्यवाही पर पीएम मोदी ने कहा- मेरा दृढ़ विश्वास है कि जहां तथ्य और तर्क होते हैं, वहां हंगामे की कोई जगह नहीं होती। उन्होंने कहा कि देश के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सकारात्मक सोच जरूरी है। संसद में सभी दलों के पास अनुभवी सांसद हैं। देश को उनके अनुभव और ज्ञान की जरूरत है। इसलिए संसद का सुचारू रूप से चलना, सार्थक चर्चा होना और देश को आगे ले जाने का सामूहिक संकल्प आज के समय की मांग है।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष द्वारा किए गए एक विशेष प्रयास की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि आज सुबह ही लोकसभा अध्यक्ष ने सोशल मीडिया के माध्यम से देश के सभी सांसदों का स्वागत करने के अपने आत्मीय भाव को व्यक्त किया था। प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि वह भी लोकसभा अध्यक्ष के उस स्वागत संदेश में अपना स्वर मिलाते हैं और सभी सांसदों को संसद की कार्यवाही में बढ़-चढ़कर सदन में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रित करता हूं।






