दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेजी से उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगले तीन से चार दिनों में मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों के साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। दूसरी ओर, पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में पूरे सप्ताह भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले तीन-चार दिनों तक तथा बिहार और झारखंड में अगले दो दिनों तक लू चलने की आशंका भी जताई गई है।
आईएमडी के अनुसार 27 से 29 जून के बीच उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। 28 जून को असम और मेघालय में भी बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी। इस बीच पश्चिम बंगाल के कोलकाता में बृहस्पतिवार दोपहर को मूसलाधार बारिश हुई। करीब दो घंटे की तेज बारिश से शहर की कई प्रमुख सड़कें डूब गईं। कोलकाता और साल्ट लेक के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। बात बीते 24 घंटों की करें तो पश्चिम बंगाल के अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। गोवा, असम, त्रिपुरा, तटीय और कर्नाटक , तेलंगाना में भी कई स्थानों पर भारी वर्षा हुई। एजेंसी
पहाड़ी राज्यों में बारिश और तूफान का दौर
आईएमडी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में 30 जून से एक जुलाई के बीच, हिमाचल प्रदेश में 30 जून से एक जुलाई और उत्तराखंड में 29 जून से एक जुलाई तक व्यापक वर्षा की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 29 जून से एक जुलाई के बीच उत्तराखंड में भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार, झारखंड, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 26 जून से एक जुलाई तक अलग-अलग दिनों में भारी बारिश का दौर बना रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के उत्तरी हिस्सों में 27 से 29 जून के दौरान कहीं-कहीं अत्यधिक बारिश होने की संभावना है। बिहार में 26 से 30 जून तक भारी बारिश और 26 जून तथा 28 जून को तेज आंधी की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में एक जुलाई तक व्यापक वर्षा जारी रहने का अनुमान है। 28 जून को असम और मेघालय में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा होने की आशंका है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
मध्य भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में एक जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 से 29 जून के दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ वर्षा होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 27 और 28 जून को कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत में भी बारिश का सिलसिला
केरलम, तटीय कर्नाटक, लक्षद्वीप, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु के कई हिस्सों में अगले सप्ताह तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। केरलम और तटीय कर्नाटक में 29 जून से एक जुलाई के बीच कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा हो सकती है। तेलंगाना में भी एक जुलाई तक कई स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
मानसून की प्रगति के बावजूद पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 जून तक लू चलने की संभावना है। 25 से 27 जून के दौरान यहां कुछ स्थानों पर भीषण लू भी पड़ सकती है। बिहार में 25 जून तथा झारखंड में 25 और 26 जून को लू का असर बना रह सकता है।






