भारत-नेपाल के अधिकारियों की बैठक: सीमा पर अपराध रुकेंगे, चलेगा संयुक्त ऑपरेशन,अवैध घुसपैठ पर बनेगी रणनीति

भारत-नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए दोनों देशों के बीच सहमति बन गई है। प्राथमिक तौर पर दोनों देश इसके लिए संयुक्त ऑपरेशन चलाने पर सहमत हो गए हैं। नेपाल सीमा के जरिये हो रही अवैध घुसपैठ, आपराधिक गतिविधियों और नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए साक्षा रणनीति बनाई जाएगी।

दोनों देशों के उच्च अधिकारियों के बीच देहरादून में चल रही दो दिवसीय बैठक के पहले दिन बृहस्पतिवार को भारत ने सीमा सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताओं से पड़ोसी देश को अवगत कराया। सीमा से सटे इलाकों में हो रहे जनसांख्यिकी बदलाव से पैदा हो रही परिस्थितियों पर भी भारत ने अपनी चिंता जताई है।
कहा गया कि इस तरह के बदलाव से सीमावर्ती इलाकों में अपराध और नशे के अवैध कारोबार को बढ़ावा मिला है। इसे रोकने के लिए सीमावर्ती इलाकों में जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक में नेपाली सीमा से लोगों के भारत में प्रवेश के समय वैध नेपाली पहचानपत्र सुनिश्चित करने और इसका किसी भी प्रकार से दुरुपयोग रोकने पर मंथन किया गया। अवैध घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए दोनों देशों ने अपनी प्रतिबद्धता जताई है।

भारत और नेपाल के बीच चल रही 14वीं ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप मीटिंग में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व कर रहीं गृह मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी पौसुमी बसु ने पड़ोसी देश के अधिकारियों को सीमा पर चल रही असामाजिक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। जानकारी के अनुसार, नेपाली प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे आनंद काफ्ले ने भारतीय दल को भरोसा दिलाया है कि सीमा पर किसी भी असामाजिक गतिविधि को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। ”प्रतिनिधिमंडल में दोनों ही देशों के विदेश सेवा विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। बैठक में नेपाली प्रतिनिधिमंडल ने भी कुछ मुद्दों को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। भारत ने पड़ोसी देश की चिंताओं को समझते हुए आवश्यक कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया है।

मूलभूत ढांचे के विकास का प्रस्ताव
बैठक में शुक्रवार को दोनों देशों के बीच आपसी सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर बातचीत हो सकती है। भारत नेपाल को रक्षा, ऊर्जा और तकनीकी क्षेत्रों में सहायता प्रदान करने के प्रस्ताव दे सकता है। भारत सीमावर्ती इलाकों में बेहतर मूलभूत ढांचे के विकास के लिए काम करेगा। इसके बारे में दोनों देशों के बीच सहमति बन सकती है।

और पढ़े  उत्तराखंड: प्रदेश में बिजली संकट से निपटने की तैयारी, 4 जगह बनेंगे मेगा बैटरी बैंक, नियामक आयोग की मंजूरी
  • Related Posts

    जाम से हाहाकार: नैनीताल की बिगाड़ी यातायात व्यवस्था, डायवर्ट रूट से ज्योलीकोट पहुंचे पर्यटकों ने दिया धरना

    तीन दिन की छुट्टी के चलते नैनीताल में उमड़ी पर्यटकों की भीड़ का असर ज्योलीकोट मार्ग पर भी देखने को मिला। रविवार को ज्योलीकोट में लंबा जाम लगने से पर्यटक…

    उत्तराखंड / चंपावत: युवाओं को सौगात, डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा, कुक्कुट पालकों को दो करोड़ की सब्सिडी, जानें..

    राज्य गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार चंपावत जिले के बनबसा में मंत्रिमंडल की बैठक हुई। कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्ताव पर चर्चा हुई। चुनावी वर्ष में सरकार ने…