Market Update: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट,सेंसेक्स 1953 अंक टूटा, निफ्टी 23200 के नीचे

श्चिम एशिया तनाव से गुरुवार को बाजार भारी गिरावट के साथ खुला। प्री-ओपनिंग में सेंसेक्स करीब 2000 अंक तक गिरा। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,953.21 अंक या 2.54 प्रतिशत गिरकर 74,750.92 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 580.05 अंक या 2.43 प्रतिशत गिरकर 23,197.75 पर आ गया।

 

सेंसेक्स की कंपनियों का हाल

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से, एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, क्योंकि अतानु चक्रवर्ती ने नैतिक चिंताओं का हवाला देते हुए देश के दूसरे सबसे बड़े ऋणदाता के अध्यक्ष पद से अचानक इस्तीफा दे दिया। लार्सन एंड टुब्रो, एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इटरनल और बजाज फाइनेंस भी प्रमुख पिछड़ने वालों में शामिल थे। एनटीपीसी और पावर ग्रिड ही एकमात्र ऐसी कंपनियां थीं जिन्हें लाभ हुआ।

जंग ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ाई 

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ऊर्जा ढांचे पर हमलों ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। ईरान के प्रमुख गैस उत्पादन क्षेत्र पर हमले और कतर स्थित दुनिया की सबसे बड़ी एलएनजी उत्पादन सुविधा को निशाना बनाए जाने से ऊर्जा आपूर्ति पर असर की आशंका गहरा गई है।

बैंकिंग और मार्केट विशेषज्ञ अजय बग्गा ने एएनआई से बातचीत में कहा कि इन घटनाओं ने खाड़ी क्षेत्र के तनाव को बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचा दिया है। उनके अनुसार, इससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई में बाधा की आशंका बढ़ी है, जिसका असर महंगाई और बाजारों पर साफ दिख सकता है।

फेड ने ब्याज दरों को रखा स्थिर

इस बीच, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखा है। फेड चेयर जेरोम पॉवेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में “अनिश्चितता” शब्द का कई बार उल्लेख करते हुए संकेत दिया कि टैरिफ और ऊर्जा संकट से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। उनका रुख अपेक्षाकृत सख्त (हॉकिश) माना जा रहा है।

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अजय बग्गा के मुताबिक, वैश्विक बाजारों के नकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार भी दबाव में खुल सकते हैं। निवेशकों के बीच फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

एशियाई बाजारों में दिखी गिरावट 

शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में भी वैश्विक मंदी का असर देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 2.18 प्रतिशत गिरकर 53,787 के स्तर पर आ गया, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स सूचकांक 0.47 प्रतिशत गिरकर 4,978 पर, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 1.68 प्रतिशत गिरकर 25,587 पर, ताइवान का भारित सूचकांक 1.17 प्रतिशत गिरकर 33,946 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 1.55 प्रतिशत गिरकर 5,836 पर आ गया।

अमेरिकी बाजारों में बुधवार रात से ही नकारात्मक रुझान दिख रहा था। बुधवार को डॉव जोन्स इंडेक्स 1.63 प्रतिशत गिरकर 46,225 पर, एसएंडपी 500 1.36 प्रतिशत गिरकर 6,624 पर और नैस्डैक 1.46 प्रतिशत गिरकर 22,152 पर आ गया, जो वैश्विक शेयर बाजारों में व्यापक बिकवाली के दबाव का संकेत देता है।

ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 112 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा

वैश्विक संकेतों ने निवेशकों के विश्वास को और भी कमजोर कर दिया। सुबह ब्रेंट क्रूड 112 अमेरिकी डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जो बुनियादी ढांचे पर हमलों के कारण आपूर्ति में लंबे समय तक व्यवधान की आशंकाओं को दर्शाता है। कमोडिटी बाजारों में सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई, जहां 24 कैरेट सोने का भाव 1,52,026 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई और यह 2,44,756 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

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