प्रदेश के कई जिलों में हो रही बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। जनजीवन अस्त व्यस्त है। घर और दुकान बाड़ से घिरने के कारण लोग परेशान हैं। रोजगार बंद होने से रोजी रोटी का संकट है। घर और दीवार गिरने से सात लोगों की मौत हो गई।
एनडीआरएफ की टीम ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला
कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से 10 इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गए। गोपालपुरम और जरौली फेज-2 में करीब 25 परिवार जलभराव में फंस गए। सूचना पर एनडीआरएफ की टीम ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। इनके साथ ही मायापुरम, रविदासपुरम, मदनपुर, मेहरबान सिंह का पुरवा, वरुण विहार कच्ची बस्ती, सुंदरनगर, महावीरनगर और विद्यार्थी कॉलोनी में करीब 34 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
सीएम योगी ने लिया जायजा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। फतेहगढ़ स्थित पुलिस पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। 31 बाढ़ पीड़ितों को भूमि का पट्टा व सीएम आवास के लिए प्रत्येक को 1.20 लाख का चेक सौंपे। योगी ने कहा कि आपदा से बचाने के लिए गंगा की सिल्ट निकालकर तटबंध में इस्तेमाल की जाएगी।







