देहरादून: राज्य में अब भी गरीबों का राशन खा रहे अपात्र, ई-केवाईसी की प्रक्रिया में सामने आए कई मामले

Spread the love

प्रदेश में गरीबों का राशन अपात्र लोगों के लेने के मामले थम नहीं रहे हैं। यह हाल तब है जबकि पिछले चार साल में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग करीब एक लाख अपात्र परिवारों के राशन कार्ड रद्द कर चुका है। अब विभाग में आधार से राशन कार्ड को डिजिटल रूप से सत्यापित करने की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें फिर से अपात्रों के प्रकरण सामने आ रहे हैं।

सरकारी राशन की दुकानों से राशन केवल पात्र लोगों को मिले, इसके लिए प्रदेशभर में इन दिनों ई-केवाईसी की प्रक्रिया चल रही है। इससे यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि वह वास्तव में जीवित और पात्र लाभार्थी हैं लेकिन देहरादून शहर और डोईवाला विकासखंड के कुछ क्षेत्रों राशन कार्ड के अनुरूप ई-केवाईसी नहीं हो पा रही है।

 

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अपर आयुक्त पीएस पांगती के मुताबिक आधार से राशन कार्ड को डिजिटल रूप से सत्यापित न करने पर अगले महीने से ऐसे लोगों को राशन नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा, राशन विक्रेताओं को ई-केवाईसी के लिए निर्देश दिए गए हैं, इस बारे में जल्द ही अलग से भी निर्देश जारी किया जा रहा है।

फर्जी और मृत लाभार्थियों के नाम

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के मुताबिक आधार कार्ड से राशन कार्ड को डिजिटल रूप से सत्यापित करने से राशन कार्ड से फर्जी और मृत लाभार्थियों के नाम हटेंगे। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशन ले रहे इन अपात्र सभी लोगों का नाम राशन कार्ड से हटा दिया जाएगा।

और पढ़े  उत्तराखंड: एप्पल मिशन, सेब के बागों को बढ़ाने के लिए 17 करोड़ जारी, 5 सौ हेक्टेयर में विकसित करने की योजना

 

91577 राशन कार्ड किए जा चुके हैं रद्द

राशन कार्ड से अपात्र लोगों का नाम हटाने के लिए विभाग ने अपात्र को न पात्र को हां अभियान चलाया था। जिसके तहत 91577 राशन कार्ड और 359178 यूनिट रद्द कर दी गईं। इनमें हरिद्वार जिले में सबसे अधिक 16259 राशन कार्ड रद्द हुए। जबकि देहरादून जिले में 15529 परिवारों के राशन कार्ड रद्द किए गए।

इस योजना में इतना मिलता है राशन

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से अंत्योदय योजना के तहत प्रति राशन कार्ड 35 किलोग्राम राशन दिया जाता है। जबकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत एक यूनिट पर पांच किलोग्राम राशन मिलता है। जिसमें एक किलो 900 ग्राम गेहूं और तीन किलो 100 ग्राम चावल दिया जाता है।

प्रदेश में ई-केवाईसी का काम राशन विक्रेताओं से करवाया जा रहा है, इसके लिए कोई पैसा अलग से नहीं दिया जा रहा है। कई लोग सत्यापन में नहीं मिल रहे हैं। – रेवाधर बृजवासी, प्रदेश अध्यक्ष, ऑल इंडिया फेयर प्राइस


Spread the love
  • Related Posts

    उत्तराखंड: चारधाम यात्रा रुकी, मालदेवता में रिकॉर्ड बारिश दर्ज, हाईवे बंद, कई जगह बाढ़ जैसे हालात

    Spread the love

    Spread the loveराजधानी देहारदून में पिछले 24 घंटे में मालदेवता में सबसे अधिक 233 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि देहरादून, मसूरी, जोलीग्रांट और उखीमठ समेत कई क्षेत्रों में मूसलाधार…


    Spread the love

    देहरादून- पहाड़ से मैदान तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, बाढ़ की चेतावनी, इन 4 जिलों में स्कूल बंद

    Spread the love

    Spread the loveउत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के…


    Spread the love