प्रदेश में गरीबों का राशन अपात्र लोगों के लेने के मामले थम नहीं रहे हैं। यह हाल तब है जबकि पिछले चार साल में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग करीब एक लाख अपात्र परिवारों के राशन कार्ड रद्द कर चुका है। अब विभाग में आधार से राशन कार्ड को डिजिटल रूप से सत्यापित करने की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें फिर से अपात्रों के प्रकरण सामने आ रहे हैं।
सरकारी राशन की दुकानों से राशन केवल पात्र लोगों को मिले, इसके लिए प्रदेशभर में इन दिनों ई-केवाईसी की प्रक्रिया चल रही है। इससे यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि वह वास्तव में जीवित और पात्र लाभार्थी हैं लेकिन देहरादून शहर और डोईवाला विकासखंड के कुछ क्षेत्रों राशन कार्ड के अनुरूप ई-केवाईसी नहीं हो पा रही है।







