महाशिवरात्रि 2025: आज महाशिवरात्रि का महापर्व,महाशिवरात्रि पर चार प्रहर में शिव आराधना का महत्व और जानिए शुभ मुहूर्त

Spread the love

आज महाशिवरात्रि है और देशभर के शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ा हुआ है। हर साल भारत में महाशिवरात्रि का त्योहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन घर, मंदिर, पूजा-पंडालों से लेकर शिवालयों में महादेव की पूजा का भव्य आयोजन किया जाता है। हालांकि हरिद्वार और महाकाल की नगरी उज्जैन में इसकी खास रौनक देखने को मिलती है। यहां महादेव की पूजा के साथ-साथ शिव-पार्वती की बारात व झांकियां, जागरण और भजन कीर्तन किए जाते हैं।

शास्त्रों की मानें तो महाशिवरात्रि भोलेनाथ और पार्वती के मिलन का दिन, क्योंकि इस तिथि पर उनका विवाह हुआ था। मान्यता है कि इस दिन महादेव संग माता पार्वती की पूजा करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस साल 26 फरवरी 2025 यानी की आज महाशिवरात्रि मनाई जा रही है। इस तिथि पर श्रवण नक्षत्र बन रहा है, जो शाम 5 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। इस दौरान परिध योग का संयोग भी रहेगा।

शिवलिंग पूजन से मिलने वाले फल
सभी प्रकार के पापों का नाश- शिवलिंग पर जल और पंचामृत चढ़ाने से व्यक्ति के पूर्व जन्मों और इस जन्म के पाप समाप्त हो जाते हैं।
अखंड सुख- समृद्धि- शिवलिंग की पूजा करने से घर में सुख, शांति और धन की वृद्धि होती है।
संतान सुख- संतान प्राप्ति के लिए पार्थिव शिवलिंग का पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
रोग और कष्टों से मुक्ति– विशेष रूप से शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाने से गंभीर बीमारियों और कष्टों से मुक्ति मिलती है।

शत्रु बाधा से मुक्ति- शिवलिंग पूजन करने से शत्रु और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
वैवाहिक सुख – विवाह में बाधा हो या दांपत्य जीवन में समस्याएं हों, तो शिवलिंग पर केसर और दूध अर्पित करने से विवाह और वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है।
मोक्ष प्राप्ति- शिवरात्रि पर रात्रि जागरण करके शिवलिंग पूजन करने से व्यक्ति जन्म-मरण के बंधनों से मुक्त हो सकता है।

और पढ़े  Car: कार बनी आग का गोला, अजमेर में एक ही परिवार के 4 लोगों की जिंदा जलकर मौत, बिलख उठे परिजन

शिवरात्रि के दिन विशेष फल कैसे प्राप्त करें?

महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर विशेष रूप से दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक करने से व्यक्ति को मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं। इस दिन चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है।
पहला प्रहर- स्वास्थ्य और दीर्घायु प्राप्ति के लिए।
दूसरा प्रहर- धन और समृद्धि के लिए।
तीसरा प्रहर- मनोकामना पूर्ति और संतान सुख के लिए।
चौथा प्रहर- मोक्ष और शिव कृपा प्राप्त करने के लिए।

महाशिवरात्रि पर चार प्रहर पूजा मुहूर्त
प्रथम प्रहर पूजा समय –  26 फरवरी को शाम 06 बजकर 19 मिनट से रात 09 बजकर 26 मिनट तक
द्वितीय प्रहर पूजा समय – 26 फरवरी को रात 09 बजकर 26 मिनट से रात 12 बजकर 34 मिनट तक
तृतीय प्रहर पूजा समय – 27 फरवरी की रात 12 बजकर 34 मिनट से सुबह 03 बजकर 41 मिनट तक
चतुर्थ प्रहर पूजा समय – 27 फरवरी को सुबह 03 बजकर 41 मिनट से सुबह 06 बजकर 44 मिनट तक

शिव पुराण में वर्णित है कि शिवरात्रि पर भगवान शिव स्वयं शिवलिंग में निवास करते हैं और जो भक्त इस दिन सच्चे मन से उनकी आराधना करता है, उसे विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।


Spread the love
  • Related Posts

    Attack-: ममता बनर्जी पर अस्पताल के CEO को धमकाने का आरोप..

    Spread the love

    Spread the loveपश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता देबजीत सरकार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है। उनका दावा है कि इस वीडियो में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और…


    Spread the love

    War-: ईरान का दावा- मार गिराया अमेरिका का एमक्यू-1 ड्रोन, ट्रंप बोले- मुझे समझौते की जल्दी नहीं

    Spread the love

    Spread the loveपश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष अब चौथे महीने में प्रवेश करने वाला है। दुनियाभर के देशों की ओर से ईरान के साथ अमेरिका-इस्राइल के बीच छिड़ी इस जंग…


    Spread the love