भोजशाला में महाआरती- शंखों की ध्वनियों से मंगलमय हुई भोजशाला की महाआरती, दूसरी मस्जिदों में हुई नमाज

भोजशाला में महाआरती का आयोजन

शुक्रवार को भोजशाला में नमाज नहीं अदा की गई।दोपहर में भोजशाला में महाआरती का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों भक्त जुटे। इस मौके पर भोजशाला के लिए संघर्ष करने वाले लोगों और उनके परिजनों का सम्मान भी किया गया। दोपहर में भीड़ भी बढ़ गई।धार की दूसरी मस्जिदों में नमाज हुई। वहीं भोजशाला परिसर की मस्जिद पर पुलिस का पहरा रहा।

 

 

भोजशाला: इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और मेटल डिटेक्टर से सर्चिंग

भोजशाला में महाआरती- शंखों की ध्वनियों से मंगलमय हुई भोजशाला की महाआरती, दूसरी मस्जिदों में हुई नमाज

भोजशाला परिसर के अंदर पुलिस की तैनाती शुरू कर दी गई है। कुछ देर पहले पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे और तैनात पुलिसकर्मियों को सुरक्षा से जुड़े कड़े दिशा-निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए भोजशाला परिसर में सघन सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षाकर्मी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और मेटल डिटेक्टर की मदद से भोजशाला के एक-एक पिलर (खंभे) की बारीकी से जांच कर रहे हैं। इसके साथ ही डॉग स्क्वायड की टीम भी भोजशाला परिसर में पहुंच चुकी है और कोने-कोने की तलाशी ले रही है।

भोजशाला के बाहरी हिस्से की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए धार एसपी सचिन शर्मा स्वयं मैदान में उतरे हैं। एसपी सचिन शर्मा घोड़े पर सवार होकर अश्वारोही (घुड़सवार) दल के साथ पूरे इलाके में लगातार भ्रमण कर रहे हैं। संवेदनशील मार्गों और भोजशाला के आसपास 200 मीटर के दायरे में पुलिस मार्च जारी है, ताकि शहर में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे।

भोजशाला आंदोलन के बलिदानियों को श्रद्धांजलि

भोजशाला आंदोलन 2003 के दौरान धार जिले के तीन लोगों की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी। हिंदू समाज उन्हें आंदोलन का बलिदानी मानता है। इन बलिदानियों की स्मृति में हिंदू समाज के लोगों ने उनके स्वजनों का पाद पूजन कर सम्मान किया। इस दौरान समाजजनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आंदोलन में दिए गए योगदान को याद किया।

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शोभायात्रा फिलहाल रद्द, महाआरती कार्यक्रम तय समय पर

समिति के संरक्षक अशोक जैन ने बताया कि हिंदू समाज की ओर से शुक्रवार दोपहर एक बजे से तीन बजे तक पूजन और महाआरती का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। उन्होंने कहा कि एक भव्य शोभायात्रा निकालने की भी तैयारी थी, लेकिन कुछ कारणों के चलते उसे फिलहाल रद्द कर दिया गया है। दोपहर करीब एक बजे जैसे ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ता और श्रद्धालु भोजशाला परिसर के पास स्थित ज्योति मंदिर के बाहर एकत्र होने लगे, वहां पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने सक्रियता दिखाते हुए लोगों को हटाना शुरू कर दिया। प्रशासन ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए श्रद्धालुओं को ज्योति मंदिर से करीब 50 कदम दूर एकत्रित होने की अनुमति दी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में शांति का माहौल बना हुआ है, हालांकि एहतियात के तौर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

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