लखनऊ अग्निकांड: सीएम योगी बोले- हम किसी की जिंदगी तो नहीं लौटा सकते, पर नहीं बख्शे जाएंगे दोषी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगंज में आग लगने से कई छात्र-छात्राओं की मौत के मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अलीगढ़ का दौरा बीच में रद्द कर राजधानी वापस आए सीएम सीधे घटनास्थल पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से हादसे की जानकारी लेेने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी घोषित की।

 

छह के खिलाफ एफआईआर, तीन गिरफ्तार 
अग्निकांड में कार्रवाई करते हुए पुलिस छह आरोपियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 110, 105, 125 और 3(5) तथा उत्तर प्रदेश फायर सर्विस एक्ट की धाराओं 6/10 के तहत मामला दर्ज किया गया है। तीन आरोपियों रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और तुषक कृष्ण जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

 

चार अधिकारियों पर गिजी गाज
1- गौरव कुमार, एक्सेन कलेक्शन (बिजली विभाग) जानकीपुरम
2- कमलेन्द्र कुमार सिंह, FSSO (फायर विभाग) इंदिरा नगर
3- अनिल कुमार, AE (LDA)
4- प्रमोद पांडे, JE (LDA)

सीएम घटनास्थल से सीधे किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचे और घायलों से भी आग लगने के कारणों और घटना के बारे में पूछा। उन्होंने घायलों के परिजनों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। वहीं केजीएमयू प्रशासन को उनके समुचित इलाज का निर्देश दिया। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने सीएम योगी को घायलों के इलाज के बारे में जानकारी दी। केजीएमयू में मृतकों के परिजनों से कहा कि हम किसी की जिंदगी तो नहीं लौटा सकते, लेकिन विश्वास दिलाते हैं कि दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। सरकार परिजनों के साथ है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, विधायक नीरज बोरा, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्णा, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा) अमित कुमार घोष, डीजी (फायर सर्विस) सुजीत पांडेय, राजधानी के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत व डीएम विशाख जी आदि मौजूद रहे।

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सीएम योगी ने रद्द किए मंगलवार के सभी आधिकारिक कार्यक्रम

Lucknow fire tragedy: CM says we cannot bring back anyone's life, but we assure you that the culprits will not

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ अग्निकांड के बाद 23 जून के अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। उन्हें मंगलवार को हाथरस में 548 करोड़ की 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करना था। इसके बाद आगरा में उन्हें विकास कार्यों व कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक लेनी थी।

गौरतलब है कि जिस समय यह अग्निकांड हुआ, सीएम योगी अलीगढ़ में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इसकी जानकारी मिलते ही अपना दौरा बीच में रद्द कर दिया और तत्काल लखनऊ के लिए रवाना हो गए। वह सीधे अलीगंज स्थित अग्निकांड स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने घटना की पूरी जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने केजीएमयू जाकर घायल बच्चों व उनके परिजनों से भी मुलाकात की।

 

जलकर हुई 15 की मौत

Lucknow fire tragedy: CM says we cannot bring back anyone's life, but we assure you that the culprits will not

अलीगंज स्थित एक बिल्डिंग में आग लगने से कोचिंग पढ़ने व एनीमेशन कोर्स करने वाले 15 छात्रों की जलकर मौत हो गई। कई छात्र गंभीर रूप से झुलस गए। जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूदे नौ छात्र गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ का दौरा छोड़कर वापस आए और घटनास्थल का मुआयना किया। रक्षामंत्री एवं राजधानी के सांसद राजनाथ सिंह भी लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। शॉर्ट सर्किट और एसी का कंप्रेसर फटने के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

अलीगढ़ के पुरनिया स्थित बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप की दुकान है। पहली मंजिल पर पेट शॉप मालिक का वेयरहाउस है। दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर और गेमिंग जोन के साथ 12वीं तक के विद्यार्थियों की कोचिंग चलती थी। पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब ढाई बजे वेयरहाउस में अचानक आग लग गई। चंद मिनटों में आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई। बिल्डिंग में मौजूद कई लोग विकराल हुई आग के बीच घिर गए। दूसरी व तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र भीतर ही फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम के साथ एसडीआरएफ ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू के दौरान 15 शव बाहर निकाले गए। वहीं कई झुलसे छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई की हालत गंभीर है। हादसे के वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री सभा छोड़ तुरंत वापस आए। उनके निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी फायर सुजीत पांडेय, पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर शाम तक राहत-बचाव कार्य जारी था।

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