Post Views: 27,862
उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित तीन मंजिला इमारत में आग लगने से कोचिंग और एनीमेशन कोर्स करने वाले 15 छात्र-छात्राओं की जलकर मौत हो गई। कुछ गंभीर रूप से झुलस गए। जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूदे छात्र घायल हो गए। गंभीर रूप से झुलसे और घायल नौ छात्र-छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना मिलते हो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ का दौरा छोड़कर वापस आए और घटनास्थल का मुआयना किया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी दिल्ली से लखनऊ पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। शॉर्ट सर्किट और एसी का कंप्रेसर फटने के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप है। पहली मंजिल पर पेट शॉप मालिक का वेयरहाउस है। दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर और गेमिंग जोन के साथ 12वीं तक के विद्यार्थियों की कोचिंग चलती थी। पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब ढाई बजे वेयरहाउस में अचानक आग लग गई।
चंद मिनटों में आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई। बिल्डिंग में मौजूद कई लोग विकराल हुई आग के बीच घिर गए। दूसरी व तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र भीतर ही फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम के साथ एसडीआरएफ ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू के दौरान 15 शव बाहर निकाले गए।
झुलसे छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई की हालत गंभीर है। हादसे के वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री सभा छोड़ तुरंत वापस आए। उनके निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी फायर सुजीत पांडेय, पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर रात तक राहत-बचाव कार्य जारी था।
मृतकों के परिजनों को सात-सात लाख मुआवजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये के मुआवजे की घोषणा की।
अलीगढ़ का दौरा छोड़ सीधे मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री
बख्शे नहीं जाएंगे दोषी: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगंज में आग लगने से कई छात्र-छात्राओं की मौत के मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अलीगढ़ का दौरा बीच में रद्द कर राजधानी वापस आए सीएम सीधे घटनास्थल पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से हादसे की जानकारी लेने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सीएम घटनास्थल से सीधे किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचे और घायलों से भी आग लगने के कारणों और घटना के बारे में पूछा। घायलों के परिजनों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। केजीएमयू प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज का निर्देश दिया। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने सीएम योगी को घायलों के इलाज के बारे में जानकारी दी। केजीएमयू में मृतकों के परिजनों से कहा कि हम किसी की जिंदगी तो नहीं लौटा सकते, लेकिन विश्वास दिलाते हैं कि दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। सरकार परिजनों के साथ है।
इनकी गई जान
- सुखमनी (24), लखनऊ
- आदित्य श्रीवास्तव (24), बिसवां, सीतापुर
- मोहम्मद अम्मार (24) लेखपड़ा बाग, बाराबंकी
- नीलेश (27), निवासी हजरतगंज, लखनऊ
- अब्दुल रहमान (24), बिसवां, सीतापुर
- संयम विज (27) कानपुर
- शहजान सिद्दीकी (18) बीकेटी, लखनऊ
- अनुक्षा (24), अवध शिल्पग्राम शांतिनगर
ये भी मृतक
- सागर (28), लखनऊ
- ज्योति (26), निवासी ज्ञान विहार कॉलोनी कमता लखनऊ
- जैनिल (26), अनूपपुर भालुमुड़ा मध्य प्रदेश
- सौमाल्या (24), निवासी द्वारिका नगर नमखाना साउथ
- भविष्य (23), निवासी अलीगंज
- सूरज सिंह (27), निवासी गोविंद नगर कानपुर
- अनामिका
ये घायल
जयंत, लवप्रीत, मो. आसिफ, भुवन श्रीवास्तव, पंकज, शैलेंद्र, अभिषेक, पंकज जोशी, गौरव कुमार।
ज्यादातर की मौत दम घुटने से
हादसे के शिकार लोगों में ज्यादातर की मौत दम घुटने से हुई। खबर लिखे जाने तक 13 का पोस्टमार्टम हो चुका था। ज्यादातर की मौत दम घुटने से हुई है। छह शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
चार अधिकारी निलंबित, बिल्डिंग मालिक और कोचिंग संचालक समेत चार गिरफ्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगंज अग्निकांड को लेकर देर रात उच्चस्तरीय बैठक की। इसमें दोषियों को चिहिनत करने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया। वहीं, अलीगंज थाने में छह लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सीएम के निर्देश पर गठित एसआईटी में संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ के एडीजी जोन प्रवीण कुमार सदस्य हैं। जांच दल सात दिन में रिपोर्ट सीएम को सौंपेगा। वहीं, मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए गौरव कुमार, एक्सईएन कलेक्शन (बिजली विभाग) जानकीपुरम, कमलेंद्र कुमार सिंह, एफएसएसओ (फायर विभाग) इंदिरा नगर, अनिल कुमार, पई, एलडीए और प्रमोद पांडे, जेई एलडीए के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। एलडीए ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इसकी रिपोर्ट के बाद के बाद अन्य अफसरों पर भी गाज गिर सकती है।
सोमवार रात पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक मदेयगंज निवासी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, अलीगंज निवासी पेट शॉप के मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, एनिमेशन सेंटर के संचालक बालागंज निवासी तूॉक कृष्णा जायसवाल और किरायेदार सुरेश कुमार शाहू निवासी केशवनगर, मड़ियांव को गिरफ्तार कर लिया।
वहीं, एफआईआर में नामजद आरोपी धीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला की तलाश जारी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था बबलू कुमार के मुताबिक पुरनिया चौकी इंबाज शुभम तिवारी की तहरीर पर छह नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
लगातार कॉल करने के 40 मिनट बाद पहुंची पहली गाड़ी, लोगों ने जताई नाराजगी
लखनऊ में कोचिंग संस्थान की बिल्डिंग में आग लगते ही स्थानीय लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। फौरन दमकल विभाग को कॉल कर मदद मांगी गई। बार-बार कॉल करने के बाद भी फायर ब्रिगेड समय से नहीं पहुंची। दमकल विभाग को मौके पर पहुंचने में 40 मिनट लग गए।
इसके कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई। दमकल के देर से पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई। शुरू में एक दमकल पहुंची, जिसके बाद उच्चाधिकारियों को अग्निकांड की विकराल स्थिति के बारे में बताया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शहर के सभी फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां मंगाई गई। बिल्डिंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफार्म भी बुलानी पड़ी, जिसे पहुंचने में देर हुई।
एक-दूसरे पर टालते रहे एंबुलेंस भी देर से आई
लापरवाही ऐसी थी कि एंबुलेंस भी समय से नहीं पहुंची। स्थानीय लोगों का आरोप है कि 102 हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया गया तो कॉल उठाने वाले ने कहा कि आप 108 नंबर पर फोन करें।
यही नहीं, 108 नंबर के कर्मी 102 पर कॉल करने के लिए कहते रहे। इससे काफी देर तक एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाई। काफी देर बाद उच्चाधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया तो बड़ी संख्या में एंबुलेंस को रवाना किया गया। देर रात तक एंबुलेंस घटना स्थल पर खड़ी रहीं।
अब तक का सबसे बड़ा अग्निकांड सबसे ज्यादा लोग जिंदा जले
राजधानी में सोमवार को अबतक का सबसे बड़ा अग्निकांड हुआ, जिसमें सबसे ज्यादा लोगों ने जान गंवाई है। इससे पहले राजधानी में एसएसजे इंटरनेशनल होटल, विराट होटल और होटल लेवाना सुइट्स में अग्निकांड की बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं।
राजधानी में आग की बड़ी घटनाएं
15 अप्रैल 2026 विकासनगर में शॉर्ट सर्किट से 1200 झोपड़ियों में लगी थी आग। हादसे में दो बच्चों की मौत।
14 अप्रैल 2025 : लोकबंधु अस्पताल में लगी थी आग। एक मरीज की हो गई थी मौत।
03 मई 2025: सरोजनीनगर में अमौसी स्टेशन रोड स्थित फूड फैक्टरी में शॉर्ट सर्किट से लगी थी आग। एक की मौत।
27 अप्रैल 2025 : अलीगंज के कपूरथला में बिल्डिंग में आग। छज्जा गिरने से छह दमकल कर्मी घायल।
5 सितंबर 2022 : होटल लेवाना सुइट्स में चार की मौत।
18 जून 2018: होटल एसएसजे इंटरनेशनल व विराट में आग से नौ की गई थी जान।
राष्ट्रपति, पीएम और सीएम ने जताया शोक
अग्नि दुर्घटना में लोगों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करती हूं। द्रौपदी मुर्मू, राष्ट्रपति
हादसा बहुत दुखद है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायल जल्द से जल्द ठीक हों। बचाव कार्य चल रहा है और अधिकारी हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं।- नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
अग्नि दुर्घटना में जनहानि हृदयविदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।– योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री