LPG Crisis: एलपीजी किल्लत पर दिल्ली सरकार ने बनाया नया फॉर्मूला, 8 श्रेणियों में बंटेगा काॅमर्शियल सिलिंडर

राजधानी में काॅमर्शियल  एलपीजी सिलिंडरों की कमी देखते हुए दिल्ली सरकार ने नई वितरण नीति लागू कर दी है। सरकार ने साफ किया है कि मौजूदा हालात में जरूरी सेवाओं को पहले गैस मिले, इसलिए पूरे सिस्टम को आठ प्राथमिकता श्रेणियों में बांटा गया है। पहली प्राथमिकता अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे और एयरपोर्ट को दी गई है। इन संस्थानों को उनकी पूरी जरूरत के हिसाब से गैस दी जाएगी।

खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत राजधानी में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की सप्लाई प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। दिल्ली में फिलहाल रोजाना करीब 1800 काॅमर्शियल  एलपीजी सिलेंडर ही उपलब्ध होंगे। पहली प्राथमिकता के लिए कुल उपलब्ध गैस का करीब 11 फीसदी यानी लगभग 200 सिलेंडर तय किए गए हैं। सरकार का कहना है कि ये सेवाएं जरूरी हैं, इसलिए इनकी जरूरत पूरी की जाएगी।

दूसरी प्राथमिकता सरकारी पीएसयू संस्थानों, सरकारी विभागों और उनके परिसर में चलने वाली कैंटीनों को दी गई है। इनके लिए कुल उपलब्ध गैस का लगभग 13 फीसदी हिस्सा तय किया गया है।

तीसरी प्राथमिकता में रेस्तरां और ढाबों को रखा गया है। इन्हें सबसे बड़ा हिस्सा यानी करीब 42 फीसदी गैस मिलेगी, जो लगभग 762 सिलेंडरों के बराबर है। चौथी प्राथमिकता में होटल, हॉस्पिटैलिटी यूनिट, गेस्ट हाउस और ट्रस्ट को रखा गया है। इनके लिए केवल 4% यानी 72 सिलेंडर तय किए गए हैं।

पांचवीं श्रेणी में डेयरी, बेकरी और मिठाई की दुकानों को शामिल किया गया है, जिन्हें करीब 11 फीसदी गैस दी जाएगी। वहीं छठी प्राथमिकता में कैटरर्स और बैनक्वेट हॉल रखे गए हैं, जिनके लिए लगभग 9 फीसदी सिलेंडर निर्धारित किए गए हैं। सातवीं श्रेणी में फार्मास्युटिकल यूनिट, ड्राई क्लीनिंग, पैकेजिंग जैसी इकाइयों को शामिल किया गया है, जिन्हें लगभग 1 फीसदी गैस मिलेगी। आठवीं और आखिरी श्रेणी में खेल सुविधाएं, स्टेडियम और अन्य संस्थानों को रखा गया है, जिनके लिए करीब 8 प्रतिशत सिलेंडर तय किए गए हैं।

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यह कदम केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के तहत उठाया गया है, जिसमें दिल्ली में औसत दैनिक खपत का अधिकतम 20 फीसदी ही काॅमर्शियल  गैस उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि काॅमर्शियल  गैस की सप्लाई मुख्य रूप से 19 किलो के स्टैंडर्ड सिलेंडरों में ही की जाएगी। पांच किलो वाले सिलेंडरों की सप्लाई नहीं होगी, क्योंकि इनकी निगरानी करना मुश्किल होता है।

उपभोक्ताओं की बुकिंग के आधार पर वितरण 
वितरण पूरी तरह उपभोक्ताओं की बुकिंग के आधार पर होगा। हर उपभोक्ता को गैस उसकी पिछली तीन महीनों की औसत दैनिक खपत के आधार पर ही दी जाएगी, जिसका रिकॉर्ड ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के सॉफ्टवेयर सिस्टम में मौजूद है। अगर बुकिंग के तुरंत बाद गैस उपलब्ध नहीं हो पाती है तो सप्लाई फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट यानी पहले बुकिंग करने वाले को पहले देने के नियम से की जाएगी। जिनकी जरूरत उस दिन पूरी नहीं हो पाएगी, उन्हें अगले दिन उपलब्धता के अनुसार सप्लाई दी जाएगी। ब्लैक मार्केटिंग, जमाखोरी के खिलाफ संयुक्त टीमें नियमित जांच और छापेमारी करेंगी।

जेएनयू साबरमती हॉस्टल आज सुबह मेस में नहीं मिलेंगे छोले-भठूरे
जेएनयू की हॉस्टल मेस के मेन्यू को छोटा कर दिया गया है। वैश्विक ईंधन आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के कारण छात्रों को आज से तली सब्जी, पूड़ी, छोले-भठूरे और पराठे नहीं मिलेंगे। इस संबंध में साबरमती हॉस्टल के मेस सचिव श्रवण कुमार ने पत्र लिखा है। साबरमती हॉस्टल की अध्यक्ष अंजलि ने बताया कि िववि की मेस में गैस की कटौती चिंता का विषय है। कैंटीन में दस रुपये में मिलने वाली चाय और समोसे 15 रुपये की दर से मिल रहे हैं। रविवार को मेस में सुबह के नाश्ते में विशेष तौर पर छोले-भठूरे परोसे जाते थे, लेकिन अब वह छात्रों को नहीं मिलेंगे। रोटी की संख्या को भी कम किया गया है।

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दो दिन में दो लाख से अधिक इंडक्शन बिके
नई दिल्ली। राजधानी में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के बीच बिजली से चलने वाले चूल्हे की पिछले चार दिनों में रिकॉर्डतोड़ बिक्री हुई है। सदर बाजार मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश यादव ने बताया कि केवल दो दिनों में ही बाजार में दो लाख रुपये से अधिक के इंडक्शन चूल्हे बिक चुके हैं। इनकी मांग लगातार बढ़ रही है।

समयपुर बादली स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक व किचन सर्विस की दुकान के संचालक संजीत कुमार ने बताया कि खासतौर पर किराये पर रहने वाले परिवार, पीजी में रहने वाले छात्र और कामकाजी लोग इंडक्शन को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। कई ई-मार्केट प्लेस पोर्टलों ये इंडक्शन आउट ऑफ स्टॉक हो गए हैं। करोल बाग स्थित गफ्फार इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट के कारोबारी रमेश शुक्ला और पंकज ने बताया तीन दिनों में 40 से अधिक इंडक्शन की बिक्री हुई है, जो आम दिनों की तुलना में कई गुना अधिक है।

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