मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सनातन रक्षक संघ ने ज्योतिर्मठ पीठ के शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों को विधिक नोटिस भेजा है। संगठन ने 15 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर न्यायालय में वाद दायर करने की चेतावनी दी है। आयोजित प्रेसवार्ता में सनातन रक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने बताया कि संगठन के विधि प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कुमार त्रिपाठी के माध्यम से नोटिस जारी किया गया है। उनका आरोप है कि संबंधित कार्यक्रम राजनीतिक उद्देश्य से आयोजित किया गया और मुख्यमंत्री के संबंध में की गई टिप्पणी से करोड़ों लोगों की धार्मिक एवं सामाजिक भावनाएं आहत हुई हैं।उन्होंने कहा कि अयोध्या के अलावा गुजरात, राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी संगठन के पदाधिकारी अपने-अपने स्तर पर कानूनी कार्रवाई करेंगे। साथ ही कहा कि यदि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इस प्रकरण पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करते हैं तो संगठन आगे की रणनीति पर पुनर्विचार कर सकता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि नोटिस में 15 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषजनक न होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। प्रेसवार्ता में सनातन रक्षक संत सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष साध्वी जया किशोरी भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा, संत समाज और मुख्यमंत्री के संबंध में अमर्यादित टिप्पणियों का संगठन लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से विरोध करेगा







