इटली के तट पर देर रात भूकंप से हिली धरती, 6.1 रही तीव्रता, दक्षिणी कैलाब्रिया क्षेत्र प्रभावित

टली के राष्ट्रीय भूभौतिकी एवं ज्वालामुखी विज्ञान संस्थान के अनुसार मंगलवार तड़के इटली के दक्षिणी कैलाब्रिया क्षेत्र के तट पर 6.1 तीव्रता का भूकंप आया। यह भूकंप स्थानीय समयानुसार मंगलवार को तड़के 00:12 बजे (सोमवार रात 22:12 बजे जीएमटी) आया। संस्थान ने बताया कि भूकंप का केंद्र लगभग 250 किलोमीटर की गहराई पर समुद्र में स्थित था।

भूकंप के झटके कैलाब्रिया, सिसिली, कैम्पानिया और पुगलिया सहित दक्षिणी इटली के कई क्षेत्रों में महसूस किए गए। स्थानीय मीडिया के हवाले से सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी। फिलहाल किसी हताहत या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। स्थानीय अधिकारी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

 

पहले भी आए हैं भूकंप 
यह पहली बार नहीं है जब इटली में भूकंप आया हो। इससे पहले मार्च में, नेपल्स के तट पर 375 से 381 किलोमीटर की गहराई पर एक अत्यंत गहरा और शक्तिशाली भूकंप आया था। भूभौतिकीविदों ने इसे उस क्षेत्र में एक दशक में सबसे मजबूत गहरे पृथ्वी फ्रैक्चर के रूप में नोट किया था, जिसने क्षेत्र की ज्वालामुखीय प्रणालियों के माध्यम से दबाव तरंगें ऊपर भेजी थीं।

इस साल जनवरी में आयोनियन सागर में इटली के दक्षिणी सिरे से कुछ दूरी पर 5.1 तीव्रता के भूकंप ने माल्टा के बड़े हिस्सों को हिला दिया था। इटली के राष्ट्रीय भूभौतिकी एवं ज्वालामुखी विज्ञान संस्थान, रोम द्वारा सुबह 5:53 बजे इस भूकंप को दर्ज किया गया था। ठीक एक सेकंड बाद, माल्टा विश्वविद्यालय के भूकंपीय निगरानी और अनुसंधान समूह के भूकंपीय उपकरणों द्वारा भी इसे मापा गया, जिसने इसे 5 तीव्रता का भूकंप बताया।

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इटली में क्यों आते हैं ज्यादा भूकंप?
यूरो-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप 58 किलोमीटर की गहराई पर आया था और दक्षिणी इटली के रेजियो कैलाब्रिया के तट से लगभग 62 किलोमीटर दूर स्थित था। इटली की निगरानी केंद्रों से प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले सप्ताह सिसिली के तट पर दर्ज किए गए हालिया कंपनों की श्रृंखला में यह सबसे मजबूत था।

भूकंप के मामले में इटली यूरोप का सबसे अधिक संवेदनशील देश है, क्योंकि यह सीधे यूरेशियन और अफ्रीकी टेक्टोनिक प्लेटों के बीच एक अत्यंत जटिल सक्रिय भूगर्भीय टकराव सीमा पर स्थित है।

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