लक्ष्य सेन ने जीता इस सत्र का अपना पहला खिताब, ऑस्ट्रेलियाई ओपन के विजेता बने, तनाका को हराया

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भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस सत्र का अपना पहला खिताब जीत लिया। लक्ष्य ने पुरुष एकल वर्ग के फाइनल में जापान के युशी तनाका को हराकर ऑस्ट्रेलियाई ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया। 24 साल के लक्ष्य से शानदार लय बरकरार रखते हुए 26 वर्षीय तनाका को 38 मिनट तक चले मैच में 21-15, 21-11 से हराया और अपने खिताबी सूखे को समाप्त कर दिया।

लक्ष्य के लिए पिछले समय से चीजें सही नहीं चल रही थीं और वह पेरिस ओलंपिक 2024 में चौथे स्थान पर रहे थे। 2021 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता लक्ष्य ने इससे पहले अपना आखिरी सुपर 300 खिताब पिछले साल लखनऊ में सैयद मोदी इंटरनेशनल में जीता था। वह सितंबर में हांगकांग सुपर 500 टूर्नामेंट में जीत के करीब थे, लेकिन उपविजेता रहे थे।

 

लक्ष्य ने नहीं गंवाया एक भी गेम
इस वर्ष ऑर्लियंस मास्टर्स सुपर 300 खिताब जीतने वाले विश्व के 26वें नंबर के खिलाड़ी तनाका का सामना करते हुए लक्ष्य ने शानदार नियंत्रण और तेज तर्रार खेल का नमूना पेश किया तथा एक भी गेम गंवाए बिना मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ मौजूदा राष्ट्रमंडल खेल चैंपियन लक्ष्य इस सत्र में बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब जीतने वाले केवल दूसरे भारतीय बन गए। इससे पहले आयुष शेट्टी ने अमेरिकी ओपन सुपर 300 टूर्नामेंट जीता था। भारत के अन्य खिलाड़ियों में सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी हांगकांग और चीन मास्टर्स के फाइनल में पहुंचे थे, जबकि किदांबी श्रीकांत भी साल की शुरुआत में मलयेशिया मास्टर्स में उपविजेता रहे थे।

अपने प्रदर्शन से खुश हैं लक्ष्य
लक्ष्य ने कहा, ‘इस सत्र में मैंने काफी उतार-चढ़ाव देखे। सत्र की शुरुआत में कुछ चोटें भी लगीं। लेकिन मैंने पूरे सत्र में कड़ी मेहनत की और अब जीत के साथ सत्र का अंत करके मैं बहुत खुश हूं। मैं बहुत उत्साहित हूं और अगले सत्र का इंतजार कर रहा हूं। इस टूर्नामेंट में मैंने जिस तरह का प्रदर्शन किया उससे वास्तव में मैं बहुत खुश हूं।’ लक्ष्य ने कहा कि मैच की अच्छी शुरुआत करना महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा, अच्छी शुरुआत करना और आखिर तक लय बनाए रखना महत्वपूर्ण था। पहले गेम में मुकाबला बराबरी का था। दूसरे गेम में मैंने अच्छी शुरुआत की और आखिर तक बढ़त बनाए रखी। मैं ज्यादा नहीं सोच रहा था और मैंने अपना पूरा ध्यान प्रत्येक अंक जीतने पर लगाया।

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