राष्ट्रमंडल खेल में युवा शटलर लक्ष्य सेन की स्वर्णिम कामयाबी का जश्न अल्मोड़ा में धूमधाम से मनाया गया। राष्ट्रमंडल खेलों में उनका यह पहला पदक है। लक्ष्य की उपलब्धि पर खेल प्रेमियों ने चौघानपाटा में आतिशबाजी कर जश्न मनाया और मिठाई भी बांटी।
राष्ट्रमंडल खेलों में अल्मोड़ा के लक्ष्य सेन के बैडमिंटन पुरुष एकल के फाइनल में जैसे ही मलेशिया के एंग जे यॉन्ग को पराजित किया तो टीवी और मोबाइल फोन की स्क्रीन पर टकटकी लगाए मैच देख रहे लोग खुशी से झूम उठे। लक्ष्य सेन के स्वर्ण पदक जीतने से गांव, शहर से लेकर देश-प्रदेश तक में खुशी की लहर है।
उत्तरांचल राज्य बैडमिंटन संघ के सचिव बीएस मनकोटी ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में लक्ष्य ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम विश्व में रोशन किया है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य की कामयाबी अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। इस मौके पर नगर पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, कांग्रेस नगर अध्यक्ष पूरन रौतेला, अमर नाथ सिंह रजवार, डॉ. संतोष बिष्ट, नंदन सिंह रावत, विजय प्रसाद सिंह, डीके जोशी, जिला क्रीड़ा अधिकारी अरुण बंग्याल, हरीश बिष्ट, हेम तिवारी, मनीष जोशी, आनंद कनवाल समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे। इधर पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने भी लक्ष्य सेन की उपलब्धि पर खुशी जताई है।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य ने उत्तराखंड समेत देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने खिलाड़ियों से लक्ष्य से प्रेरणा लेने का आह्वान किया है। लक्ष्य के स्वर्ण पदक जीतने पर पूर्व सभासद अशोक पांडे ने भी खुशी जताई है।
लक्ष्य सेन की जीत का जश्न उनके बचीनगर कमलुवागांजा स्थित ननिहाल में सबने मिलकर मनाया।कॉमनवेल्थ गेम्स में जाने से पहले लक्ष्य सेन कुछ महीने पहले अपनी ननिहाल आए थे और अपने चारों मामा के साथ समय बिताया था। मामा कुंदन क्वीरा, नवीन क्वीरा, हेमू क्वीरा और संजीव क्वीरा ने कहा कि लक्ष्य सेन ने उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश का नाम रोशन किया है। पूरा यकीन है कि लक्ष्य ओलंपिक में भी गोल्ड मेडल लाकर देश और उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगे।
खिलाड़ी अवंतिका ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में बैडमिंटन में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाले लक्ष्य सेन की उपलब्धि हम सभी के लिए गौरव की बात है। हम भी उनकी तरह ही बैडमिंटन में देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। बैडमिंटन में उनकी कामयाबी अल्मोड़ा के खिलाड़ियों को प्रेरणा देगी।
बैडमिंटन खिलाड़ी हिमांशी रावत ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में लक्ष्य ने बेहतर खेला है। उनसे विपरीत परिस्थिति में भी संयम से खेलने की प्रेरणा मिलती है। लक्ष्य की सफलता से अल्मोड़ा में भी बैडमिंटन खेल से जुड़े खिलाड़ियों में नई उर्जा का संचार हुआ है।









