नाग पंचमी- शुभ संयोग में नाग पंचमी आज,जानें पूजा की सही विधि, और महत्व

नागपंचमी हिन्दू धर्म का एक विशेष और आस्था से जुड़ा पर्व है, जो श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन नाग देवता की आराधना और उनसे कृपा प्राप्त करने का अवसर होता है। मान्यता है कि इस दिन नागों की पूजा करने से कालसर्प दोष, सर्प भय और सर्पदंश जैसी बाधाओं से मुक्ति मिलती है। इस दिन भक्तगण नाग देवता को दूध अर्पित करते हैं, उन्हें स्नान कराकर पूजा-अर्चना करते हैं और सुरक्षा व समृद्धि की कामना करते हैं।

सावन के तीसरे सोमवार के साथ इस बार नागपंचमी का पर्व विशेष संयोग लेकर आ रहा है। ज्योतिषाचार्य डॉ. पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि इस दिन शिव और नाग देवता की पूजा करने से सुख-शांति, मानसिक शांति और विजय की कामना की जाती है। श्रावण शुक्ल पंचमी को मनाई जाने वाली नागपंचमी पर भगवान शिव और नाग देवता की आराधना का विशेष महत्व है। नागपंचमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:15 से 8:31 बजे तक रहेगा। इस दिन शुभ योग, मुद्गर योग और गजकेसरी योग का संयोग रहेगा। चंद्रमा चित्रा नक्षत्र में रहेंगे।
नागपंचमी की पूजा विधि
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
गाय के गोबर से नाग का आकार बनाएं।
नाग देवता का आह्वान करें और ध्यान लगाएं।
व्रत रखना हो तो संकल्प लें।
मेवा, गुलाल, अबीर, मेहंदी, फूल और दूध नाग देवता को अर्पित करें।
मंत्रों का जाप करें।
पूजा के बाद मनोकामना की प्रार्थना करें।
और पढ़े  सऊदी-हूतियों में तेज हुआ संघर्ष,रियाद समेत कई शहरों पर मिसाइल-ड्रोन हमले, सना में 8 की मौत
  • Related Posts

    कर्नाटक में गन्ना किसानों को राहत मिलने के आसार: CM शिवकुमार ने कहा- बातचीत सफल रही, केंद्र पर क्या बोले?

    कर्नाटक में गन्ना किसानों और चीनी मिल मालिकों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद गतिरोध खत्म होने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की अगुवाई में हुई…

    यूएन: भारत ने वीटो पावर के इस्तेमाल पर उठाए सवाल, कहा- शांति के लिए हो उपयोग, सियासी फायदे के लिए नहीं

    संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के पूर्ण सत्र में वीटो पावर के इस्तेमाल को लेकर भारत का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि…