रुद्रप्रयाग में लगातार हो रही बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा की रफ्तार धीमी पड़ गई है। धाम में चारों तरफ घना कोहरा छाया है। वहीं चोटियां बर्फ से ढकी हैं। धाम में बारिश का दौर जारी है। पिछले तीन-चार दिनों से प्रतिदिन एक हजार से कम श्रद्धालु धाम पहुंच रहे थे, लेकिन सोमवार को यह संख्या बढ़कर 1,114 हो गई। अब तक 14,17,136 श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं।
घनसाली में आज कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल बंद
बारिश को देखते हुए उपजिलाधिकारी घनसाली के निर्देश पर आज कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालय बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी भिलंगना ने सभी प्रधानाचार्यों को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
केदारनाथ हाईवे कुंड के पास बंद, मलबा हटाने में जुटी मशीनें
लगातार हो रही बारिश के कारण मंगलवार सुबह केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग दो स्थानों पर बाधित हो गया। कुंड-काकड़ा गाड़ के बीच पहाड़ी से भारी बोल्डर और मलबा आने से यातायात बाधित है। वहीं सिरोहबगड़ भी सोमवार देर रात मलबा आने से बंद हुआ, जिसे रात में ही खोल दिया गया। वहीं गौरीकुंड मुनकटिया के पास भी मलबा आने की सूचना है। जिन्हें मशीन के जरिए साफ किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडेय ने बताया कि काकड़ा गाड़ के पास भारी बोल्डर गिरने से मार्ग बंद है। मार्ग खोलने के लिए दोनों ओर से जेसीबी लगाई गई हैं, जबकि मलबा अधिक होने पर अगस्त्यमुनि से एक एक्सकेवेटर भी मौके पर भेजा गया है। विभाग ने यहां मार्ग को सुबह 11:55 बजे तक खोलने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि गुप्तकाशी के पास भी मार्ग बाधित हुआ, जहां जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर यातायात बहाल करने का कार्य किया गया। वहीं मुंकटिया क्षेत्र में भी पत्थर गिरने की सूचना मिली है। मौके पर एक एक्सकेवेटर और दो जेसीबी तैनात हैं। क्षेत्र में नेटवर्क बाधित होने के कारण वहां की स्थिति की पुष्टि की जा रही है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि इसके अलावा सभी राष्ट्रीय राजमार्ग खुले हैं। उन्होंने यात्रियों से मौसम को देखते हुए केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।




