अपनी 23 महीने की बच्ची के साथ बाबा केदार के दर्शन के लिए आए दंपती का यह आखिरी सफर बन गया। दरअसल, केदारनाथ से गुप्तकाशी लौट रहा आर्यन हेली ऐविएशन कंपनी का हेलिकॉप्टर रविवार को खराब मौसम के कारण गौरी माई खर्क में पेड़ से टकराकर क्रैश हो गया। इस हादसे में पायलट सहित सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 23 महीने की मासूम भी है, जिसके माता-पिता भी इस हादसे में मारे गये हैं।
हादसे में सभी लोग जल गए, केवल बच्ची का ही शव बरामद हुआ है। अन्य लोगों के कुछ ही अंग बरामद हुए हैं। मृतकों की पहचान राजकुमार सुरेश जयसवाल (41), निवासी नंदीपेरा रोड, सैन मंदिर महाराष्ट्र, उनकी पत्नी श्रद्धा सुरेश जयसवाल (35) और बेटी काशी (23 महीने) के रूप में हुईहै।

सूचना पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस ने रेस्क्यू करते हुए सभी शव को बरामद कर गौरीकुंड पहुंचाने के बाद जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेज दिया गया है। इधर, डीजीसीए ने हेलिकॉप्टर क्रैश होने के बाद दो दिन के लिए केदरानाथ यात्रा में हेलिकॉप्टर सेवा पर रोक लगा दी गई है।
रविवार को सुबह 5.21 बजे केदारनाथ हेलिपैड से आर्यन हेली कंपनी के हेलिकॉप्टर महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश सहित अन्य जगह के छह यात्रियों को लेकर गुप्तकाशी के लिए टेकऑफ हुआ। लगभग 5.25 मिनट पर यह हेलिकॉप्टर गौरीकुंड से पांच किमी ऊपर जंगल क्षेत्र में गौरी माई खर्क में कोहरा लगने से पेड़ से टकराकर क्रैश हो गया।
इस दर्दनाक हादसे में पायलट लेफ्टिनेंट कर्नल पायलट राजवीर सिंह चौहान सहित सभी छह यात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, यात्रा मैनेजमेंट फोर्स के जवान मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू करते हुए सभी शव बरामद किये। घटनास्थल पर हेलिकॉप्टर का मलबा पड़ा है, जो जलकर राख हो चुका है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि 5 बजकर 24 मिनट पर हेलिकॉप्टर वेली प्वाइंट पर दिखाई दिया। अधिक कोहरा होने के कारण विजिबिलिटी पूरी तरह से शून्य थी।
सुबह 6.13 बजे अन्य हेली कंपनियों के द्वारा सूचना दी गई कि आर्यन कंपनी का हेलिकॉप्टर गुप्तकाशी नहीं पहुंचा है। इस दौरान संपर्क करने पर एक नेपाली मूल के व्यक्ति और साथ गई अन्य महिलाओं ने जानकारी दी कि ऊपरी क्षेत्र में धुंआ उड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सूचना पर तत्काल प्रभाव से रेस्क्यू दल को मौके के लिए रवाना किया गया।







