इस्राइल सरकार ने लिया बड़ा फैसला, ईरान पर हमले के बाद दुनियाभर में बंद किए अपने दूतावास

Spread the love

 

रान पर भीषण हमलों के बाद इस्राइल ने दुनिया भर में अपने दूतावास बंद करने का एलान किया है। इसके साथ ही इस्राइल ने अपने नागरिकों से सतर्क रहने और सार्वजनिक स्थानों पर यहूदी या इस्राइली प्रतीक न दिखाने की अपील की है।

इस्राइल ने शुक्रवार को ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले करने के बाद दुनिया भर में अपने दूतावासों को बंद कर दिया है। दूतावासों की वेबसाइटों पर जारी बयानों में कहा गया है कि इस्राइल फिलहाल किसी भी प्रकार की कांसुलर सेवा प्रदान नहीं करेगा।

 

इस्राइल ने नागरिकों को दी ये हिदायत
सरकार की ओर से जारी बयानों में नागरिकों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी सार्वजनिक स्थान पर यहूदी या इस्राइली प्रतीकों को प्रदर्शित न करें। इसके साथ ही यदि किसी देश में उन्हें किसी प्रकार की शत्रुतापूर्ण गतिविधि का सामना करना पड़े, तो वे स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करें।

इस्राइल दूतावासों को कब तक बंद रखेगा, इसके लिए कोई समय-सीमा नहीं दी गई है। विदेश में रहने वाले इस्राइलियों को अपने स्थान के बारे में विदेश मंत्रालय को अपडेट करने के लिए एक फॉर्म भरने के लिए भी कहा गया है।  बयान में कहा गया, हाल के घटनाक्रमों के मद्देनजर, दुनिया भर में इस्राइली मिशन बंद रहेंगे और कांसुलर सेवाएं प्रदान नहीं की जाएंगी।

 

 

सेना प्रमुख समेत 20 सैन्य कमांडर मारे गए
इस्राइल के हमले में ईरान के सेना प्रमुख समेत 20 सैन्य कमांडर और छह परमाणु वैज्ञानिक भी मारे गए हैं। इस्राइल के इस हमले से पश्चिम एशिया में दो कट्टर दुश्मनों के बीच व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ गई है। ईरान ने शुरुआती हमले में 100 से ज्यादा ड्रोन भी दागे, लेकिन इस्राइल ने सभी को नाकाम कर दिया। ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने यहूदी राष्ट्र को कड़ी सजा देने की चेतावनी दी है। क्षेत्र के देशों ने इस्राइल के हमले की निंदा की, जबकि दुनिया भर के नेताओं ने दोनों पक्षों से तत्काल तनाव कम करने का आह्वान किया।

और पढ़े  Resignation: एक और TMC सांसद का इस्तीफा,राज्यसभा MP पीसी बराइक ने दिया त्यागपत्र

इस्राइली सेना ने कहा कि 200 लड़ाकू विमानों से ईरान के लगभग 100 स्थानों को निशाना बनाया गया है। इनमें नतांज स्थित ईरान का मुख्य परमाणु संवर्धन केंद्र भी शामिल है, जहां से काला धुआं उठता देखा गया। पश्चिमी ईरान में दर्जनों रडार प्रतिष्ठान और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल लांचरों को भी नष्ट कर दिया। इस्राइल के दो सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि बेहद खुफिया मिशन के तहत देश की खुफिया एजेंसी मोसाद ने हमलों से पहले ईरान में ड्रोन और अन्य हथियार पहुंचा दिए थे। हवाई हमलों के साथ ही इन हथियारों के जरिये तेहरान और आसपास आंतरिक सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाने में किया गया।

रिवोल्यूशनरी गार्ड प्रमुख भी मारे गए
इस्राइल के हमले में ईरान के तीन शीर्ष सैन्य कमांडर भी मारे गए हैं। इनमें ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मोहम्मद बाघेरी, सबसे ताकतवर अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख हुसैन सलामी और रिवोल्यूशनरी गार्ड के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के प्रमुख जनरल आमिर अली हाजीजादेह शामिल हैं। इसके अलावा भी ईरानी सुरक्षा बलों के कम से 17 वरिष्ठ कमांडर मारे गए हैं। ईरान ने तीनों शीर्ष सैन्य प्रमुखों के मारे जाने की पुष्टि भी कर दी है और उनकी जगह पर नए अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी है।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को झटका
इस्राइल के हमले में कम से कम छह परमाणु वैज्ञानिक भी मारे गए हैं, इनमें अब्दुल हमीद मिनोउचहर, अहमदरजा जोल्फाघारी, सैयद अमीरहोसेन फेक्ही, मोत्लाबीजादेह, मोहम्मद मेहदी तहरेनची और फेरेदून अब्बासी शामिल हैं। यह सभी नतांज और परमाणु कार्यक्रम के विशेषज्ञ थे। इनमें कोई सेंट्रीफ्यूज एक्सपर्ट, कोई रिएक्टर डिजाइनर था। इनकी मौत ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए बड़ा झटका है। इससे ईरान का परमाणु बनाने का सपना भी बहुत पीछे चला गया है।

और पढ़े  रिलायंस और मेटा की बड़ी तैयारी- गुजरात में बनेगा AI डेटा सेंटर, अगले दो वर्षों में बनकर तैयार होने की उम्मीद

Spread the love
  • Related Posts

     G7 Summit Evian- आज पीएम मोदी जी7 देशों के सम्मेलन में शरीक होंगे, चीन के बढ़ते निर्यात पर होगी चर्चा, यूरोपीय अर्थव्यवस्था पर इसके असर का मुद्दा भी उठेगा

    Spread the love

    Spread the loveप्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के एवियन में आज से शुरू हो रहे जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह उनकी दो देशों की यात्रा का तीसरा चरण है। दो…


    Spread the love

    भारत में लगी टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, 21 जून को NEET री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

    Spread the love

    Spread the love   केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर अस्थायी रूप से रोक लगाने का फैसला किया है। नीट 2026 की पुनर्परीक्षा के चलते सरकार ने यह कदम…


    Spread the love