महंगाई से मिलेगी आम आदमी को राहत,व्यापार के लिए उम्मीदों की डोर.. 

Spread the love

जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) परिषद की 56वीं बैठक में 12 और 28 फीसदी की पुरानी टैक्स स्लैब खत्म होने पर मुहर लगने पर बरेली के उद्यमी और व्यापारियों ने महंगाई से राहत और कारोबार में बढ़त की उम्मीद जताई है। उन्होंने टैक्स चोरी कम होने से राजस्व में बढ़त की बात कही है।

 

कारोबारियों के मुताबिक स्लैब कम होने का सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी केके चंदानी के मुताबिक नए स्लैब से जिन उत्पादों पर 12 और 28 फीसदी टैक्स लग रहा था, उसमें क्रमश: सात और दस फीसदी की कमी का असर कीमतों पर भी जल्द दिखने की बात कही।

 

आईआईए चेयरमैन मयूर धीरवानी के मुताबिक नई दर 22 सितंबर से लागू होंगी। मंजूरी मिलने के बाद अब नए स्लैब के अनुसार कीमतों में कमी की जाएगी।

नमकीन-बिस्किट होंगे सस्ता
उद्यमी केके चंदानी ने कहा कि नमकीन पर पहले 12 फीसदी जीएसटी थी, जो पांच फीसदी होने पर प्रति किलो सात से आठ रुपये की कमी आएगी। बिस्किट 28 फीसदी के दायरे में था जो 12 फीसदी पर बिकेगा। सरकार का फैसला ग्राहक हित में है।

लघु उद्योग भारती के मंडल अध्यक्ष उन्मुक्त संभव शील ने कहा कि उपभोक्ताओं को जब उत्पाद कम कीमत पर मिलेंगे तो खपत बढ़ेगी। इससे उत्पादन बढ़ेगा। जिसकी बिक्री से मिलने वाला राजस्व सरकार के खाते में जाएगा। उद्यमी, विक्रेता और क्रेता तीनों के हित में रहेगा।

मेंथा ऑयल कारोबारी एवं निर्यातक के गौरव मित्तल ने कहा कि मेंथॉल से तैयार उत्पादों पर 28 फीसदी जीएसटी स्लैब में थे, जो अब 18 में दर्ज होंगे। करीब दस फीसदी की कमी से बाजार में मांग बढ़ेगी। ट्रंप टैरिफ के संतुलन में कुछ हद तक राहत की उम्मीद जताई जा रही है।

और पढ़े  छोड़िए एफडी, सरकारी बॉन्ड्स अपनाइए, कम जोखिम में बेहतर रिटर्न और सुरक्षित भविष्य का नया रास्ता, जानिए कैसे?

रोजमर्रा की चीजें होंगी सस्ती
चार्टर्ड एकाउंटेंट के अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि जीवन रक्षक दवा, कर्मचारी बीमा, शिक्षा सामग्रियों पर जीएसटी शून्य होना बड़ा फैसला है। इसके अलावा अन्य उत्पादों पर लग रहे टैक्स में गिरावट से आम जनता को रोजमर्रा की चीजों से लेकर तमाम लग्जरी वस्तुएं भी सस्ते होंगी।

भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महानगर अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था टैक्स पर निर्भर होती है। बदलाव से बाजार में क्रय-विक्रय बढ़ेगा, मुद्रा स्फीती में तरलता आएगी। पांच ट्रिलियन अर्थव्यस्था की ओर देश बढ़ेगा।

उप्र उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि व्यापारी शुरुआत से ही जीएसटी की दर कम करने की मांग कर रहे थे। जो अब पूरी हुई। कार, सीमेंट, खाद्य सामग्री, कृषि उपकरण समेत नाश्ता से लेकर भोजन तक के उत्पाद की कीमत में कमी आएगी।


Spread the love
  • Related Posts

    शेयर बाजार Update: शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद,सेंसेक्स 1690 अंक टूटा, निफ्टी 22900 के नीचे

    Spread the love

    Spread the loveभारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में दो प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गी। 30 शेयरों वाला…


    Spread the love

    दहेज हत्या केस: SC में पति की जमानत रद्द, कहा- मामला गंभीर, हाईकोर्ट में निर्णय मशीनी ढंग से हुआ

    Spread the love

    Spread the loveदेश की सर्वोच्च अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में बड़ी बात कही है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि समाज को दीमक की तरह…


    Spread the love