भारत-पाकिस्तान युद्धविराम: भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच बंद किए गए 32 हवाई अड्डे फिर से खोले, संचालन फिर से शुरू

 

 

भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव के चलते बंद किए गए देश के 32 हवाई अड्डों को एक बार फिर से नागरिक उड़ानों के लिए खोल दिया गया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी। AII ने इन हवाई अड्डों पर तत्काल प्रभाव से उड़ान संचालन बहाल करने को लेकर औपचारिक घोषणा की है।

टकराव के कारण बंद हुए थे हवाई अड्डे
गौरतलब है कि भारत-पाक के बीच सैन्य टकराव के कारण 9 मई से 15 मई तक देश के उत्तर और पश्चिमी हिस्सों में स्थित 32 हवाई अड्डों, जिनमें श्रीनगर और अमृतसर जैसे प्रमुख एयरपोर्ट शामिल हैं, से नागरिक उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था।

 

एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और अन्य उड्डयन प्राधिकरणों ने NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी कर इन हवाई अड्डों को अस्थायी रूप से बंद करने की सूचना दी थी। अब स्थिति में सुधार के संकेत मिलने के बाद इन हवाई अड्डों को चरणबद्ध तरीके से दोबारा खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

इन 32 हवाई अड्डों पर उड़ानें हुईं शुरू
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के नोटिस के मुताबिक बंद किए गए सभी 32 हवाई अड्डों पर उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। इन हवाई अड्डों में उधमपुर, अंबाला, अमृतसर, अवंतीपुर, बठिंडा, भुज, बीकानेर, चंडीगढ़, हलवारा, हिंडन, जम्मू और जैसलमेर, जामनगर, जोधपुर, कांडला, कांगड़ा (गग्गल), केशोद, किशनगढ़, कुल्लू मनाली (भुंतर) और लेह शामिल हैं। इसके अलावा, लुधियाना, मुंद्रा, नलिया, पठानकोट, पटियाला, पोरबंदर, राजकोट (हीरासर), सरसावा, शिमला, श्रीनगर, थोइस और उत्तरलाई में भी परिचालन कर दिया गया है।

और पढ़े  SIR: उत्तराखंड-हरियाणा समेत कई राज्यों में बढ़ी अंतिम मतदाता सूची की तारीख, जानें कहां कितना बदला शेड्यूल
  • Related Posts

    टीवी एंकर चेंग लेई ने तीन साल जेल में गुजारा अमानवीय जीवन, अब पूरी दुनिया को कर रहीं आगाह?

    चीन दुनियाभर में अपनी सौम्य और अच्छी छवि दिखाने की कोशिश करता है लेकिन लोगों को उसके दिखावटी चेहरे पर भरोसा करने के बजाय हकीकत की गहराई से पड़ताल करनी…

    नेपाल जल प्रलय-: 65 स्कूल कल से खुलेंगे, बच्चों को सदमे से निकालने की कोशिश, देश में 13वें दिन शोक

    नेपाल में जल प्रलय के दो हफ्ते पूरे होने वाले हैं लेकिन नुवाकोट, रसुवा और आसपास के जिलों में जिन बच्चों ने बाढ़ का तांडव देखा या अपनों को खोया,…