स्वतंत्रता दिवस: महिलाओं के अपमान पर भावुक हुए पीएम मोदी,एक तीर से साधे कई निशाने,2024 में जीत की हैट्रिक लगाने की कोशिश

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पीएम नरेंद्र मोदी ने आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर लाल किले से देश के नाम संबोधन में नारी शक्ति का खास तौर पर जिक्र किया। पीएम ने अपने भाषण में महिलाओं की बात करके एक तीर से कई निशाने साधे हैं। पीएम ने नारी शक्ति का जिक्र कर आगे की रणनीति भी तय कर दी है। पीएम ने जहां नारी सशक्तिकरण को बढ़ाने की बात की। वहीं उनकी नजर देश की आधी आबादी के विकास पर भी रही। माना जा रहा है कि पीएम मोदी 2024 में महिलाओं के वोट बैंक के जरिए जीत की हैट्रिक लगाने की कोशिश करेंगे।

बढ़ रही है महिलाओं की भागीदारी
देश के प्रख्यात चुनावी विश्लेषक और सीएसडीएस के निदेशक प्रो. संजय कुमार अमर उजाला से चर्चा में कहते हैं कि पिछले एक दशक के आम चुनाव पर नजर डालें तो इसमें लगातार महिलाओं की भागीदारी बढ़ती हुई नजर आ रही है। जिस तरह से केंद्र में मोदी सरकार हो या फिर राज्यों में अलग-अलग पार्टियों की सरकारें, सभी ने महिलाओं के लिए विशेष स्कीम लाने पर जोर दिया है। ताकि इनका फायदा उन्हें चुनावों में हासिल हो सके। इसलिए आज हर राजनीतिक दल महिलाओं के वोट बैंक को साधने की कोशिश में जुटा हुआ नजर आ रहा है।

आज अगर कोई दल महिलाओं के वोट बैंक पर मजबूत पकड़ बना लेता है, तो उसे हराना बहुत मुश्किल होगा। हर राज्य में जाति आधारित वोट बैंक महज 20 या 30 फीसदी होता है। लेकिन महिलाओं की आबादी हर राज्य में मतदाताओं के दृष्टिकोण से तकरीबन 50 फीसदी तक होती है। इन्हीं कारण से हर राजनीतिक दल महिलाओं के वोटबैंक को साधने में जुटे हुए हैं। इसी प्रयास में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी आज अपने भाषण में नारी शक्ति के समर्थन का जिक्र किया है।

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संजय कुमार कहते हैं कि देश में पिछले पांच वर्षों से महिलाओं के वोट बैंक को साधने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसलिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार ऐसी योजनाएं ला रही हैं, जिससे महिलाओं को लुभाया जा सके। पिछले पांच वर्षों से चुनावों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं। निश्चित रूप से आने वाले चुनावों में भी यह हिस्सेदारी ओर बढ़ती हुई नजर आएगी। 2019 के लोकसभा चुनावों में महिलाओं और पुरुषों की भागीदारी बराबर थी। इससे पहले के आम चुनाव में जबकि ऐसा देखने को नहीं मिला था। ऐसी संभावना पूरी है कि 2024 के चुनावों में महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत पुरुषों से ज्यादा हो सकता है। क्योंकि 14 राज्यों में महिलाओं ने मतदान के मामले में पुरुषों को पीछे छोड़ दिया हैं। आज यह भी देखने को मिल रहा है कि महिला मतदाता का रुझान ऐसी पार्टियों की तरफ ज्यादा होता है, जो उनके लिए लोकलुभावन स्कीम लेकर आती हैं। अगर केंद्र की मोदी सरकार आने वाले सालों में महिलाओं से जुड़ी कुछ नई योजनाएं लेकर आती हैं, निश्चित तौर पर इसका फायदा भाजपा को 2024 के चुनाव में मिलेगा।
महिलाओं के अपमान पर पीएम की पीड़ा
पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान अपनी एक पीड़ा भी जाहिर की। उन्होंने कहा, ‘मैं एक पीड़ा जाहिर करना चाहता हूं। मैं जानता हूं कि शायद ये लाल किले का विषय नहीं हो सकता। मेरे भीतर का दर्द कहां कहूं। वह है किसी न किसी कारण से हमारे अंदर एक ऐसी विकृति आई है, हमारी बोलचाल, हमारे शब्दों में.. हम नारी का अपमान करते हैं। क्या हम स्वभाव से, संस्कार से रोजमर्रा की जिंदगी में नारी को अपमानित करने वाली हर बात से मुक्ति का संकल्प ले सकते हैं। नारी का गौरव राष्ट्र के सपने पूरे करने में बहुत बड़ी पूंजी बनने वाला है। ये सामर्थ्य मैं देख रहा हूं।’

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