अगर आपको चुनाव आयोग का नोटिस आया हुआ है तो घबराएं नहीं। चुनाव आयोग ने आठ विसंगतियों के आधार पर मतदाताओं को नोटिस भेजे हैं। आप इन विसंगतियों के हिसाब से संबंधित दस्तावेज देकर इसका निपटारा करा सकते हैं।
3-मतदाता व दादा-दादी, नाना-नानी की आयु के बीच 40 साल से कम अंतर : अगर गलती से एंट्री हुई तो बीएलओ की रिपोर्ट पर्याप्त होगी। अगर दादा-दादी जीवित नहीं तो
संबंधी प्रधान या जनप्रतिनिधि की ओर प्रमाणित करने के बाद सुनवाई के दौरान ले जाना होगा।
4-भाई-बहन या दो भाईयों की आयु के नौ माह से कम का अंतर : दोनों की जन्म का प्रमाण पत्र। इस आधार पर बीएलओ अपनी रिपोर्ट भेज देंगे।
5-एक ही मतदाता के साथ प्रोजनी के रूप में छह से अधिक की मैपिंग : बीएलओ रियलिटी चेक करने के बाद अपनी रिपोर्ट भेजेंगे।
6-मतदाता के संबंधी के नाम में कोई विसंगति : कोई ऐसा दस्तावेज जिसमें वर्तमान नाम पुष्ट हो जाए।
7-मतदाता के स्वयं के नाम में कोई विसंगति : नाम संबंधी कोई दस्तावेज, जैसे 10वीं का सर्टिफिकेट।
8-लास्ट एसआईआर की मतदाता सूची में अनमैप्ड : 39 या अधिक आयु है तो चुनाव आयोग की सूची के 11 दस्तावेजों में से कोई एक देना होगा। 22 से 38 साल आयु है तो दो दस्तावेज देने होंगे, जिसमें मतदाता का एक और माता या पिता का एक दस्तावेज देना होगा। आयु 19 से 21 है तो तीन दस्तावेज देने होंगे, जिसमें एक अपना, एक माता और एक पिता का है।
ये हैं 11 मददगार दस्तावेज
1-केंद्र, राज्य सरकार, पीएसयू के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी को जारी पहचान पत्र
2-एक जुलाई 1987 से पहले सरकार, स्थानीय प्राधिकरणों, बैंकों, डाकघर, एलआईसी या पीएसयू की ओर से जारी कोई पहचानपत्र या प्रमाणपत्र
3-सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी जन्म प्रमाणपत्र
4-वैध पासपोर्ट
5-मान्यता प्राप्त बोर्ड या विवि से जारी मैट्रिकुलेशन (10वीं) का प्रमाणपत्र
6-स्थायी निवास प्रमाणपत्र
7-वन अधिकार प्रमाणपत्र
8-ओबीसी, एससी, एसटी या कोई भी जाति प्रमाणपत्र
9-राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी)
10-किसी भी विधिक या प्रशासनिक विनियम के तहत सरकारी अधिकारियों से जारी परिवार रजिस्टर
11-सरकार से जारी कोई भी भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र
12-आधार कार्ड।






