कैंची धाम कैसे पहुंचें? नीम करोली बाबा आश्रम की यात्रा का सही समय, रूट और कितना है खर्चा

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कैंची धाम उत्तराखंड की पहाड़ियों में बसा वह पवित्र स्थान है, जहां पहुंचकर मन एक अनोखी शांति में प्राप्त करता है। नीम करोली बाबा का आश्रम सिर्फ एक धार्मिक जगह नहीं, बल्कि एक ऊर्जा-स्थल है, जहां लाखों भक्त अपनी समस्याओं का समाधान और जीवन की दिशा पाते हैं। हर साल यहां भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है। कैंची धाम में नीम करोली बाबा का प्रसिद्ध आश्रम है, जहां हनुमान जी की पूजा होती है और भक्त अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए आते हैं। यह स्थान नैनीताल के पास स्थित है। ऐसे में हिल स्टेशन नैनीताल की सैर पर आए लोग भी कैंची धाम तक अपनी यात्रा को विस्तार देते हैं।

कैंची धाम पहुंचने का रास्ता आसान भी है और बेहद सुंदर भी है। आइए जानते हैं कि दिल्ली से कैंची धाम कैसे पहुंचना है, किस मौसम में जाना सबसे सही है, किन रूट्स से जाएं और कितना खर्च आएगा। 

 

कैंची धाम कहां है?

कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले के बीच काठगोदाम और अल्मोड़ा हाईवे पर स्थित है। यह स्थान नैनीताल से लगभग 17 किमी दूर और काठगोदाम रेलवे स्टेशन से 38 किमी दूर है। 

 

कैंची धाम जाने का सबसे सही समय

वैसे तो नीम करोली बाबा के भक्त सालभर कैंची धाम आते हैं, लेकिन कुछ मौसम यात्रा को खास बनाते हैं। मार्च से जून में गर्मी के मौसम में कैंची धाम की यात्रा की जा सकती है। ये सबसे अच्छा समय, मौसम सुहावना, रास्ते खुले रहते हैं और भीड़ नियंत्रित रहने से दर्शन सहज तरीके से होते हैं।

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इसके अलावा मानसून के बाद हल्की सर्दी के मौसम में भी नीम करोली बाबा के आश्रम जा सकते हैं। इस दौरान यहां की हरियाली व हरी भरी पहाड़ियां अधिक सुंदर दृश्य प्रदर्शित करती हैं। मौसम साफ होता है और यात्रियों की संख्या में तुलना में कम हो सकती है।

कब न जाएं ?

15 जून को कैंची धाम का स्थापना दिवस मनाया जाता है, इस मौके पर यहां भीड़ उमड़ आती है। इस दिन लाखों श्रद्धालु आते हैं, इसलिए दर्शन कठिन हो सकते हैं। वहीं दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड के कारण सड़के धुंध से प्रभावित हो सकती हैं। भीड़ तो कम होती है, पर यात्रा कठिन हो जाती है।

 

कैसे पहुंचें कैंची धाम?

कैंची धाम के लिए रेल यात्रा सबसे आसान और बजट फ्रेंडली रूट है। यहां से सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है, जो कि 38 किमी दूर है। दिल्ली से काठगोदाम के लिए कई टेनों के विकल्प मिल सकते हैं, जैसे शताब्दी एक्सप्रेस, जनशताब्दी, नई दिल्ली-काठगोदाम एक्सप्रेस आदि। आगे की यात्रा के लिए काठगोदाम रेलने स्टेशन से आपको टैक्सी या शेयर कैब मिल जाती है।  काठगोदाम से कैंची धाम के लिए टैक्सी का किराया लगभग 700 से 1200 रुपये हो सकता है। शेयर जीप का किराया 150 से 250 रुपये प्रति व्यक्ति और हल्द्वानी से अलमोड़ा रूट की बस का किराया लगभग 80 से 120 रुपये हो सकता है।

अगर आप दिल्सी से कैंचीधाम की सड़क यात्रा पर निकल रहे हैं तो लगभग 330 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी,  जिसमें 7 से 9 घंटे का वक्त लग सकता है। इसके लिए मुख्य रूट दिल्ली से गाजियाबाद होते हुए हापुड़, मुरादाबाद, रूद्रपुर, हल्द्वानी, काठगोदाम, भीमताल और अंतत: कैंची धाम है। खुद की कार से जा रहे हैं तो 2200 से 3500 रुपये ईंधर पर खर्च हो सकते हैं और 300 सो 500 रुपये टोल पर देने पड़ सकते हैं।

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दूर के यात्री जो फ्लाइट से कैंची धाम पहुंचना चाहते हैं, उनके लिए सबसे निकटतम एयरपोर्ट पंतनगर हवाई अड्डा है , जिसकी दूरी 70 किमी है। यहां से 1600 से 2500 रुपये में टैक्सी द्वारा आसानी से कैंची धाम पहुंच सकते हैं। 

 

कैंची धाम में रहने की व्यवस्था

नीम करोली बाबा के आश्रम में रहने की व्यवस्था मिल जाएगी। हालांकि ये विकल्प बेहद सीमित होता है, इसलिए पहले से अनुमति लेनी होती है। यहां भोजन प्रसाद के रूप में मिलता है। ऐसे में खर्च लगभग न के बराबर होता है। इसके अलावा भीमताल, बागेश्वर रोड, नैनीताल और काठगोदाम में होटल या होमस्टे ले सकते हैं। 600 से 1200 रुपये में बजट रूम मिल जाएंगे।

कैंची धाम दर्शन का समय

सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक कैंची धाम में दर्शन के लिए जा सकते हैं। दोपहर में एक या दो घंटे दर्शन बंद हो सकता है।

कैंची धाम यात्रा का खर्च 

रेल और शेयर कैब का किराया लगभग 800 से 1500 रुपये खर्च आ सकता है। सड़क मार्ग से जा रहे हैं 2500 से 4000 रुपये खर्च आ सकते हैं। हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों पर फ्लाठइ टिकट और टैक्सी का किराया 3500 रुपये से 7000 रुपये तक जा सकता है। 


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