मथुरा के वृंदावन में बांकेबिहारी मंदिर में जन्माष्टमी के पर्व पर वर्ष में एक बार होने वाली मंगला आरती में इस बार कुछ अलग ही दृश्य देखने को मिला। आरती में केवल 600 लोगों को ही अनुमति दी गई थी। आम श्रद्धालुओं को आरती में प्रवेश नहीं दिया गया था। केवल पास धारक ही पहुंचे, लेकिन पुलिसकर्मियों की इस दौरान भीड़ रही। सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि मंदिर में पुलिसकर्मियों की भीड़ रही।
भीड़ में एडीजी आगरा जोन और उनके साथ आए लोग बमुश्किल निकल पाए। यहां तक भीड़ में फंसकर एक महिला श्रद्धालु की तबीयत अचानक बिगड़ गई। आसपास मौजूद अन्य महिलाओं ने किसी प्रकार उन्हें संभाला। आरती के समय इस बार भी ऐसे हालात हो गए थे कि एडीजी आगरा जोन अनुपमा कुलश्रेष्ठ भी भीड़ में फंस गईं तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें निकाला।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि मंगला आरती एक धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से भक्त वृंदावन आते हैं। ऐसे में सुरक्षा के नाम पर आम श्रद्धालुओं को रोक दिया गया और पुलिस की भीड़ आरती में रही। यह ठीक नहीं है। सरकार तो वीआईपी कल्चर खत्म कर रही है, लेकिन मंदिरों में नहीं हो रहा।








