ईरान ने कहा कि उसने यह कदम अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी के जवाब में उठाया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने कहा कि जब तक अमेरिकी नाकाबंदी खत्म नहीं होती, तब तक यह जलमार्ग बंद रहेगा और कोई भी जहाज यहां से गुजरने की कोशिश करेगा तो उसे दुश्मन की मदद माना जाएगा और निशाना बनाया जाएगा।
तेल व्यापार के लिए अहम जलमार्ग
दुनिया के तेल व्यापार का बहुत बड़ा हिस्सा इस अहम जलमार्ग से गुजरता है, इसलिए यहां तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा हो सकता है। ब्रिटिश सेना के समुद्री व्यापार संचालन केंद्र ने बताया कि ईरानी नावों ने एक तेल टैंकर पर गोलीबारी की और एक कंटेनर जहाज पर हमला हुआ, जिससे कुछ कंटेनर क्षतिग्रस्त हो गए।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजदूत को किया तलब
भारत के विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि उसने ईरान के राजदूत को तलब किया, क्योंकि भारतीय के राष्ट्रीय ध्वज वाले दो जहाजों पर गोलीबारी की गई।
वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने लगाई नाकाबंदी
ईरान के साथ बातचीत विफल होने के बाद अमेरिका ने यह नाकाबंदी लगाई है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
नौसेना दुश्मन को कड़ा जवाब देने को तैयार: मोजतबा खामेनेई
ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई ने कहा कि उनकी नौसेना दुश्मनों को कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है।
जब तक समझौता नहीं करता ईरान, नाकाबंदी रहेगी: ट्रंप
उधर,अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब तक ईरान समझौता नहीं करता, तब तक नाकाबंदी जारी रहेगी।
पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता फिर शुरू करने की कोशिश हो रही है। लेकिन ईरान ने कहा है कि अमेरिका का रुख सख्त है, इसलिए वह तुरंत नई वार्ता के लिए तैयार नहीं है। ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि वह अपना संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को नहीं देगा। जबकि अमेरिका का कहना है कि वह ईरान पर दबाव बनाए रखेगा।