सभी तिथियों में सर्वोत्तम तिथि अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन सर्वार्थसिद्ध योग बन रहा है और नक्षत्रों का मिलन भी होगा। इस दिन भगवान परशुराम जयंती भी है और मांगलिक कार्यों के लिए अबूझ दिन माना जाता है। रविवार सुबह 10.49 बजे बाद से शुभागमन होगा।
अक्षय तृतीया भाग्य, सौभाग्य, विद्या, धन संतान ऐश्वर्य के कामना व प्राप्ति के लिए मनाया जाता है। कहा गया है कि इस दिन किये गये कर्म, पूजा, संस्कार, धार्मिक अनुष्ठान शुभ होते हैं। ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती ने बताया अक्षय तृतीया 20 अप्रैल सुबह 7: 28 बजे तक रहेगी। इस दिन चंद्रमा दोपहर 12:31 बजे तक मेष राशि और उसके बाद वृष राशि में संक्रमण करेंगे। खरीदारी आदि नूतन क्रय करने का मुहूर्त सुबह 11 बजे से 2:07 बजे और शाम 5: 41 बजे से रात्री 7:14 बजे तक रहेगा। ज्योतिष अशोक वार्ष्णेय ने बताया कि इस बार अक्षय तृतीया के दिन त्रिपुष्कर, गजकेसरी, शश और मालव्य योग के अलावा तिथि समापन के समय सर्वार्थसिद्ध योग का बनना अत्यंत महत्वपूर्ण है। अक्षय तृतीया के दिन घर की साफ-सफाई कर घर के मुख्य द्वार पर वंदनवार, रंगोली सजाकर महालक्ष्मी, भगवान विष्णुदेव की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से सुख-सौभाग्य मिलता है। इस दिन दान करने से पुण्य मिलता है। उन्होंने बताया अक्षय तृतीया के दिन हल्दी की पांच गांठे, मिट्टी का घड़ा, पीली कौड़ियां, सेंधा नमक और पीली सरसों खरीदना भी शुभ रहता है।
वाहन राशि के रंगों के अनुसार खरीदें तो अधिक लाभ
मेष-लाल या महरून, वृष-सफेद और सिल्वर, मिथुन-हरा, क्रीम और ग्रे कर्क-सफेद, क्रीम और सिल्वर। सिंह-स्लेटी, महरून और लाल। कन्या-स्लेटी, सफेद और हरा, तुला-सफेद और सिल्वर। वृश्चिक राशि में चाकलेटी, लाल और महरून, धनु राशि में पीला, सफेद और क्रीम। मकर राशि में काला, भूरा और नीला। कुंभ राशि में जामुनी, नीला और काला जबकि मीन राशि में सफेद, पीला और क्रीम रंग शुभ है।






