कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा। प्रीति पवार के बाद जैस्मिन लंबोरिया ने ‘गोल्डन पंच’ लगाए। प्रीति ने महिलाओं की 54 किलोग्राम प्रतियोगिता में कनाडा की स्कार्लेट सवाना डेलगाडो के खिलाफ 5-0 से फाइनल बाउट जीती। वहीं, इसके 15 मिनट बाद रिंग में उतरते हुए जैस्मिन ने महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग में नॉर्दन आयरलैंड की मिकेला वॉल्श को 5-0 से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया। भारत ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। यह भारत का कॉमनवेल्थ गेम्स में मुक्केबाजी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। आइए जानते हैं…
प्रीति ने डेलगाडो को 5-0 से हराया
- एसईसी हॉल-5 में दिन के पहले मुकाबले में भारत की प्रीति ने इंग्लैंड की स्कार्लेट सवाना डेलगाडो के खिलाफ 5-0 से जीत हासिल की।
- पहले राउंड में सभी पांच जजों ने प्रीति के पक्ष में 10-10 अंक दिए। इसके बाद दूसरे राउंड में एक बार फिर प्रीति ने सभी जजों से पूरे अंक हासिल किए।
- दूसरे राउंड तक प्रीति इंग्लैंड की मुक्केबाज के खिलाफ काफी हावी नजर आ रही थीं। एक ओर प्रीत के हर एक पंच में दम दिख रहा था, तो दूसरी तरफ डेलगाडो के पंच सही लैंड नहीं हो रहे थे।
- तीसरे राउंड में प्रीति ने इंग्लैंड की मुक्केबाज को थकाने की पूरी कोशिश की, क्योंकि शुरुआती दो राउंड में उन्होंने बड़ा फासला हासिल कर लिया था।
- तीसरे राउंड में एक बार फिर प्रीति ने अपनी पावर दिखाते हुए सभी 5 जजों से 10-10 अंक हासिल करते हुए गोल्ड सुनिश्चित किया।
प्रीति पवार ने ‘राउंड ऑफ-16’ में मलावी की डेबोरा म्टेंजे को रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट (आरएससी) से जीत हासिल की थी। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में नॉर्दन आयरलैंड की निकोल क्लाइड को 5-0 से हराया। प्रीति ने सेमीफाइनल में जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से हराने के बाद फाइनल में भी कनाडाई बॉक्सर के खिलाफ इतने ही अंतर से जीत हासिल की।
जैस्मिन ने दिग्गज वॉल्श को दी शिकस्त
- दूसरी ओर, जैस्मिन लंबोरिया ने महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग में नॉर्दन आयरलैंड की मिकेला वॉल्श के खिलाफ 5-0 से जीत हासिल की।
- पहले राउंड 3-2 से जैस्मिन के पक्ष में रहा था। उन्हें तीन जजों ने 10-10 अंक दिए। वहीं, दो जजों ने 9-9 अंक दिए। वहीं, वॉल्श को दो जजों ने 10-10 अंक दिए और तीन जजों ने 9-9 अंक दिए।
- दूसरे राउंड में जैस्मिन पूरी तरह से विपक्षी बॉक्सर पर हावी नजर आईं। उन्होंने सर्वसम्मति से दूसरा राउंड जीत लिया। पांचों जजों ने जैस्मिन को 10-10 अंक दिए।
- जैस्मिन ने तीसरा राउंड 4-1 से अपने नाम करते हुए देश को सातवां गोल्ड दिलाया। यानी तीनों राउंड जैस्मिन ने ही जीते।
साक्षी ने जीता स्वर्ण
जादूमणि को मिला रजत
प्रिया ने हार के बाद की शानदार वापसी
वहीं, करीब 10 मिनट बाद शुरू हुए मुकाबले में प्रिया धनखस ने महिला 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में कनाडा की मैरी बाथेल अल अहमदी को खंडित फैसले में 4-1 से हराया। प्रिया पहला राउंड हार गईं थीं, लेकिन अगले दो राउंड में उन्होंने दमदार वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता।
अरुंधति चौधरी का गोल्डन पंच
इसके बाद अगला मुकाबला महिलाओं 70 किग्रा वर्ग के फाइनल का था, जिसमें शानदार प्रदर्शन करते हुए अरुंधति चौधरी ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अरुंधति ने इंग्लैंड की चेंटेले रीड को एकतरफा अंदाज में सर्वसम्मत फैसले में 5-0 से हराया।
लवलीना स्वर्ण से चूकीं, रजत पदक किया अपने नाम
लवलीना बोरगोहेन ने महिला 75 किग्रा वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया है। लवलीना का फाइनल में सामना ऑस्ट्रेलिया की एम्मा सुई ग्रीनट्री से हुआ। एम्मा ने खंडित फैसले में लवलीना को 4-1 से हराया। यह मुकाबला बेहद ही रोमांचक रहा। दोनों खिलाड़ियों ने एक-एक दौर जीते और तीसरे राउंड में एक दूसरे पर जवाबी हमले किए।
सचिन ने जीता स्वर्ण पदक
महिलाओं के बाद पुरुषों के मुक्केबाजी के पहले मुकाबले में सचिन सिवाच ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता। सचिन ने पुरुष 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में नामीबिया के ट्राईगेन मॉर्निंग नदेवेलो को खंडित फैसले में 3-2 से हराया। सचिन शुरुआत से पिछड़ रहे थे, लेकिन अंतिम 10 सेकेंड में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को जोरदार पंच मारा और इसने ही सचिन के पक्ष में मैच को मोड़ा और वे स्वर्ण जीतने में सफल रहे।
अंकुश का दबदबा
भारतीय मुक्केबाज अंकुश ने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीत लिया है। अंकुश ने दमदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष 80 किग्रा के फाइनल में इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को खंडित फैसले में 4-1 से हराया।
नरेंदर को रजत से करना पड़ा संतोष
भारतीय मुक्केबाज नरेंदर को राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक से संतोष करना पड़ा है। नरेंद्र को पुरुष 90+ किग्रा के फाइनल में इंग्लैंड के डमार थॉमस ने सर्वसम्मत फैसले में 5-0 से हराया। नरेंदर भले ही स्वर्ण पदक अपने नाम नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने रजत पदक जीता। ग्लास्गो में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा। भारत ने इस बार सात स्वर्ण और तीन रजत के साथ कुल 10 पदक अपने नाम किए।







