मध्यप्रदेश में अगस्त की विदाई बारिश और बाढ़ के बीच हो रही है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में एक बार फिर सक्रिय हुए मजबूत मौसम तंत्र ने बारिश का दौर तेज कर दिया है। रीवा, शहडोल, सीधी, उमरिया समेत 11 जिलों में सोमवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं भोपाल संभाग समेत प्रदेश के कई हिस्सों में भी तेज से हल्की बारिश होने के आसार हैं। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा है। शहडोल के बाणसागर बांध में पानी की आवक अचानक बढ़ने के बाद छह गेट खोल दिए गए हैं। निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ाई गई है। सतना के चित्रकूट में बाढ़ से हालात बिगड़ने के बाद स्कूलों में दो दिन की छुट्टी घोषित की गई है।
शहडोल के बाणसागर बांध में पानी की आवक कुछ ही घंटों में कई गुना बढ़ गई। पहले जहां आवक 808.64 घन मीटर प्रति सेकंड थी, वहीं 12 घंटे में बढ़कर 2677.29 घन मीटर प्रति सेकंड हो गई। बांध का जलस्तर पिछले साल की तुलना में इस बार 13 सेंटीमीटर अधिक है। रविवार दोपहर छह गेट खोले गए। इसके बाद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
मौसम विभाग ने रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
सितंबर के पहले 3 दिन भी खतरा
बारिश का सिलसिला सिर्फ सोमवार तक सीमित रहने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने सितंबर के शुरुआती तीन दिनों में कई जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। सीधी, उमरिया, मंडला, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में 24 घंटे के दौरान करीब 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।
भोपाल में बड़ा तालाब फुल होने के करीब
लगातार बारिश के बाद भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट पहुंच गया है। अब यह पूर्ण जलभराव स्तर से सिर्फ 0.30 फीट नीचे है। तालाब के पूरी तरह भरने के बाद भदभदा बांध के गेट खोले जा सकते हैं। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत बांध में पहुंचेगा, जिससे उसका जलस्तर भी बढ़ेगा।
अधिकांश बांधों में 70 फीसदी से ज्यादा पानी
बारिश ने प्रदेश के जलाशयों की तस्वीर बदल दी है। अधिकांश बांधों में 70 प्रतिशत तक पानी पहुंच चुका है। कई बांधों के गेट भी खोले जा चुके हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कुछ बांधों में अभी स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई है।
प्रदेश में अब तक 27.2 इंच बारिश
मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक करीब 700 मिलीमीटर यानी 27.2 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य बारिश 30.4 इंच के मुकाबले प्रदेश में अभी करीब 3.2 इंच पानी कम है। कुल बारिश सामान्य से करीब 9 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 5 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 12 प्रतिशत कम है।
प्रदेश के 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कमी करीब 19 प्रतिशत तक है। कई जिलों में बारिश 1 से 50 प्रतिशत तक कम दर्ज हुई है। दूसरी ओर अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
जून की कमी अभी पूरी नहीं हुई
इस मानसून में जून की कमजोर बारिश का असर अब भी आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में तेज बारिश के कारण स्थिति सुधरी और जुलाई का कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। अगस्त के अंतिम दिनों में सक्रिय हुए मजबूत मौसम तंत्र ने एक बार फिर बारिश बढ़ा दी है। अब सितंबर की शुरुआत में भी भारी और अति भारी बारिश का अनुमान है, ऐसे में बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रशासन और लोगों की चिंता बढ़ गई है।








