चाइनीज मांझे से हो रही मौतों पर HC सख्त, राज्य में बिक्री और उत्पादन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी समेत प्रदेश में खतरनाक चाइनीज मांझे से लोगों की मौतें होने समेत घायल होने पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि चाइनीज मांझे के उत्पादन व बिक्री को रोकने के लिए पूरे प्रदेश में अभियान चलाए। साथ ही इस अपराध के अपराधियों को जवाबदेह बनाया जाए। कोर्ट ने कहा कि पिछले माह दिए गए आदेश के बाद राज्य सरकार ने कुछ जवाबी हलफनामे दाखिल किए हैं। हालांकि, अखबारों की खबरों से पता चलता है कि चाइनीज मांझे के इस्तेमाल से लोग चोट खा रहे हैं, जो कभी जानलेवा भी हो रही हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 11 मई को तय की है।

 

न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव की वर्ष 2018 में दाखिल जनहित याचिका पर दिया। इसमें, प्रदेश में चाइनीज मांझे पर सख्त प्रतिबंध लगाने की गुजारिश की गई है। याची ने अखबारों में छपी खबरों को पेश करके कहा कि हाल ही में करीब 20 लोग लगातार चाइनीज मांझे से जख्मी हुए हैं। इनमें से कुछ की मौत भी हो गई है। कहा, इससे पहले भी लगातार लोग इसका शिकार होते रहे हैं। इसके बावजूद ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं है। याची ने चाइनीज मांझे को बनाने वालों और इसे ऑन लाइन मंगवाने वालों पर भी सख्ती से अंकुश लगाने का आग्रह किया।

 

इससे पहले 11 फरवरी को कोर्ट ने पूछा था कि आखिर लोगों की जान जाने या घायल होने की जब अखबारों में सुर्खियां बनती हैं, तब ही सरकारी अमला क्यों जागकर हरकत में आता है। कोर्ट ने ऐसी घटनाओं को सख्ती से रोकने के लिए राज्य सरकार को प्रभावी समुचित कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि प्रदेश में चाइनीज मांझे पर रोक के लिए सरकार द्वारा जारी आदेशों के अमल के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही कहा था कि चाइनीज मांझे का शिकार होने वाले लोगों को समुचित मुआवजा व इलाज का खर्च देने पर सरकार गौर करे।

कोर्ट ने कहा था कि चाइनीज मांझे के मामले में जवाबदेही सिर्फ इसका उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल करने वालों तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए, अपितु इसकी रोकथाम के दायित्व का निर्वहन न कर पाने वालों की भी होनी चाहिए। इसके लिए समुचित कार्य योजना पेश की जाए। कोर्ट ने चेताया था कि इसके बावजूद अगर चाइनीज मांझे की बिक्री, इस्तेमाल जारी रहता है तो हम राज्य सरकार से इसके शिकार बने लोगों के इलाज का खर्च व उन्हें मुआवजा दिलाने पर गौर करने को विवश हो सकते हैं।

उधर, राज्य सरकार की ओर से मुख्य स्थाई अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया था कि कोर्ट के पहले के 11 फरवरी के इसआदेश के तहत चार विभागों – पर्यावरण विभाग, कमर्शियल टैक्स एम एस एम ई, विधि विभाग और गृह विभाग को नीति बनाने में शामिल होना होगा।

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