हरिद्वार- संतों को हाथ जोड़कर किया प्रणाम, कांग्रेस पर हमलावर दिखे शाह, घोटालों का आरोप, मांगा हिसाब-किताब

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गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैंप में प्रदेश सरकार के चार साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। यहां उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। गृह मंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत से पूरे 30 मिनट के भाषण तक हर पहलू को छूने की कोशिश की। उन्होंने सबसे पहले सामने अलग मंच पर बैठे संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया।

 

इसके बाद उन्होंने राज्य आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि एक जनता था जब अलग राज्य, अलग पहचान, संस्कृति को बचाने के लिए यहां के युवा मैदान में संघर्ष कर रहे थे। उस वक्त कांग्रेस-समाजवादी पार्टी ने नमद किया। अनेक युवाओं ने अपना बलिदान दिया। कहा, रामपुर तिराहा कांड आज भी प्रदेशवासी भूले नहीं हैं। शाह ने कहा, मुझे याद है जबकि 2017 में त्रिवेंद्र मुख्यमंत्री बने थे तो मैंने कहा था कि यह राज्य अटल जी ने बनाया था और मोदी जी संवारेंगे।

 

गृह मंत्री अमित शाह सीधे तौर पर कांग्रेस पर हमलावर रहे। उन्होंने जहां राज्य में कांग्रेस कार्यकाल के भ्रष्टाचार का जिक्र किया तो वहीं उनसे हिसाब-किताब भी मांगा। कहा कि भाजपा की नौ साल की दोनों सरकारों पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है।

छात्रवृत्ति के घोटाले का जिक्र

 

अपने भाषण में अमित शाह ने कांग्रेस शासन के दौरान हुए भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए विशेष रूप से हरीश रावत स्टिंग प्रकरण का नाम लिया। उन्होंने रावत सरकार के समय के अन्य कथित घोटालों की भी सूची गिनाईं, जिनमें दलितों की छात्रवृत्ति का घोटाला, कमीशन एजेंटों से भरा हुआ सचिवालय, शराब नीति का स्टिंग कांड, कुमाऊं खाद्यान्न घोटाला शामिल हैं।उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस के समय भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे वहीं पिछले नौ वर्षों की भाजपा सरकार (त्रिवेंद्र सिंह रावत और पुष्कर सिंह धामी सरकार) पर विरोधी भी भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा सके हैं। उन्होंने कांग्रेस को अव्यवस्था फैलाने वाली और उत्तराखंड निर्माण का विरोध करने वाली पार्टी बताया। कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में यह पार्टी पूरी तरह बिखर चुकी है।

 

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कांग्रेस से हिसाब किताब मांगा

अमित शाह ने अपने भाषण में उत्तराखंड को दी गई केंद्र की सहायता (ग्रांट) और राज्य के बजट में हुई वृद्धि के बारे में जिक्र किया। कहा कि 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस सरकार ने उत्तराखंड को केवल 54,000 करोड़ रुपये की ग्रांट दी थी। इसके विपरीत, मोदी सरकार ने पिछले 10 वर्षों (2014-2024) में इसे बढ़ाकर 1,87,000 करोड़ कर दिया। उन्होंने बताया कि केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के चारधाम महामार्ग के लिए 12,000 करोड़, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए 8,000 करोड़, पर्वतमाला रोपवे विकास कार्यक्रम के लिए 2,400 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कहा कि 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय 1.25 लाख रुपये थी जो अब बढ़कर 2.60 लाख रुपये हो चुकी है। जीएसडीपी भी एक लाख 50 हजार करोड़ से बढ़कर तीन लाख 50 हजार करोड़ पहुंच चुकी है।


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