मैं तुम्हारा शुभचिंतक एक अति आवश्यक सूचना दे रहा हूं। तुम्हारा कोई अपना खास जो तुम्हारी सारी संपत्ति की जानकारी रखता है। यहां तक कि कितनी किस-किस शहर में है, कितने एनजीओ चल रहे हैं? कितनी जमीनों पर गैरकानूनी कब्जा है? कितनी एक तो कितनी दो नंबर की हैं? कई साै करोड़ का हिसाब किताब, और भी बहुत कुछ…। यह सब डावर ग्रुप के चेयरमैन को भेजे गए पत्र में लिखा गया था।
की जा रही है पूछताछ
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि डावर ग्रुप के चेयरमैन से पांच करोड़ रुपये मांगे गए थे। इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
पूरे खेल के पीछे कोई और
पुलिस ने चाय विक्रेता को भी पकड़ लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। पकड़े गए दोनों लोग पूर्व में उद्योगपति की फैक्टरी में मजदूरी का कार्य करने के लिए गए थे। हालांकि जिस तरह से रकम मांगने की योजना बनाई गई, वह कोई मजदूर वर्ग का व्यक्ति नहीं कर सकता है। पकड़े गए दोनों लोग पढ़े-लिखे भी नहीं हैं। इसलिए पुलिस तीनों की काॅल डिटेल खंगाल रही है। उनके संपर्क में काैन लोग हैं, यह पता किया जा रहा है। यह भी हो सकता है कि पर्दे के पीछे कोई और हो। पकड़े गए लोगों को रुपयों का लालच देकर बुलाया गया होगा।









