हल्द्वानी- फिर एक और तारीख: बनभूलपुरा रेलवे जमीन प्रकरण में सुप्रीम सुनवाई टली, अब अगले साल 2026 में होगा फैसला

 

बनभूलपुरा में रेलवे जमीन प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई अब 16 दिसंबर से भी आगे बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट के नोटिफिकेशन में इसकी अगली तिथि 3 फरवरी 2026 है। इसके साथ ही इसे अस्थायी रूप से सूचीबद्ध किया गया है। यानी यह डेट फाइनल है या इसमें परिवर्तन होगा यह बाद में पता चल सकेगा। याचिकाकर्ता ने भी तीन फरवरी की डेट मिलने की बात स्वीकारी है। सुनवाई 52 दिन टल जाने के कारण स्थानीय स्तर पर बनभूलपुरा के निवासियों के साथ ही पुलिस व प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।

 

रेलवे जमीन प्रकरण 19 साल से जारी है। यह मामला 4365 मकानों से जुड़ा है। रेलवे का कहना है कि अवैध रूप से मकान रेलवे और प्रदेश सरकार की जमीन पर बने हैं। इनके कब्जे की वजह से रेलवे का विस्तार नहीं हो पा रहा है। ट्रैक न होने से नई ट्रेनें भी नहीं चला पा रहे हैं। यह प्रकरण समय के साथ हाईकोर्ट नैनीताल से अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया। कुल 11 याचिकाएं इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में हैं जबकि पक्ष व विपक्ष दोनों ओर से कई प्रसिद्ध वकील इस केस में बहस करने की तैयारी में भी थे। बीती दो दिसंबर को इस प्रकरण पर फाइनल प्रोसीडिंग की डेट थी लेकिन यह बढ़कर 10 दिसंबर हो गई। इस दिन भी नंबर नहीं आया और अगली डेट 16 दिसंबर की मिली। शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के नोटिफिकेशन में इस प्रकरण को अस्थायी रूप से सूचीबद्ध करते हुए 3 फरवरी 2026 की डेट दी गई है। याचिका कर्ता व समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रभारी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने बताया कि इस प्रकरण को 3 फरवरी 2026 को अस्थायी रूप से सूचीबद्ध किया है। यह 3 फरवरी को लिस्ट किया जा सकता है। हालांकि इसमें बदलाव की संभावना भी रहती है।

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उधर नई डेट की बात सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। दो दिसंबर की सुनवाई के लिए 500 से ज्यादा पुलिस कर्मी जबकि 10 दिसंबर की सुनवाई के लिए 800 से ज्यादा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती हुई थी।

बनभूलपुरा के अंदर जाने वाले वाले मार्ग जीरो जोन हो गए थे। 13 घंटे तक बार्डर पर भारी वाहन रुके तो बनभूलपुरा में स्कूली बसों तक की इंट्री नहीं थी। यहां के स्कूलों में छुट्टी करनी पड़ी थी। अब इसकी डेट 52 दिन आगे बढ़ जाने के कारण सबने राहत की सांस ली है।

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