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हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद मंच का शुद्धिकरण किए जाने का मामला गुरुवार को राज्यसभा में गूंजा। सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के नेता खरगे ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि उनके संबोधन के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंच पर हवन कर शुद्धिकरण किया। उन्होंने इसपर कड़ी नाराजगी जताई। वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ है। उन्होंने खरगे की भावनाओं को ठेस पहुंचने पर खेद जताया।
आठ अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ‘विजय शंखनाद’ रैली के बाद हुए ‘शुद्धिकरण’ के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे पर सोमवार को संसद में भी हंगामा हुआ। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि रैली के बाद हिंदू संगठनों द्वारा मैदान में कराया गया शुद्धि हवन ‘छुआछूत का कृत्य’ है। उन्होंने मांग की कि इसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। खड़गे ने आरोप लगाया कि इस घटना में भाजपा की भूमिका है। इस पर सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पलटवार किया। नड्डा ने कहा कि भाजपा ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती और घटना की निंदा करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन इस मामले को गंभीरता से लेंगे। जांच में जो लोग जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नड्डा ने कांग्रेस से इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की अपील भी की।
इधर राज्यसभा के सभापति राधाकृष्णन ने भी बयान देते हुए कहा छुआछूत पाप है। हम सभी शुद्ध हैं, हमें शुद्ध करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले की जांच कराकर दोषियों को सजा दी जाए।
हल्द्वानी में क्या हुआ था
आठ अगस्त की रैली के बाद रविवार को हिंदूवादी संगठनों ने रामलीला मैदान में शुद्धि हवन और गंगाजल छिड़काव किया था। आयोजकों का आरोप था कि रैली के दौरान मंच से इस्लामिक नारे लगे और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले को जगह दी गई, जिससे मैदान की पवित्रता भंग हुई। इस घटना के बाद से हल्द्वानी में भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने हैं। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए मैदान के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी थी।