हल्दूचौड़:- 2014 में स्थापित पुलिस चौकी अपनी अवधारणा से भटकी,चौकी को अब है रिपोर्टिंग चौकी की दरकार,नए प्रभारी सोमेंद्र सिंह से हैं आशाएं।
हल्दूचौड़ से सटे तमाम गांवों को अपराध मुक्त बनाने के उद्देश्य से 2014 में स्थापित पुलिस चौकी अपनी अवधारणा से भटकी।
हल्दूचौड़ –
गांवों को अपराध मुक्त बनाने के उद्देश्य से 2014 में स्थापित हल्दूचौड़ पुलिस चौकी 9 साल बीतने के वावजूद अपने उद्देश्य पर सफल नहीं हो पाई चौकी को अब जहां रिपोर्टिंग चौकी की दरकार है वहीं वर्तमान में चौकी प्रभारी के रूप में तैनात उप निरीक्षक सोमेंद्र सिंह के समक्ष तमाम चुनौतियां भी हैं क्षेत्र में निरंतर बढ़ते जा रहे अवैध धंधों को लेकर हल्दूचौड़ क्षेत्र अक्सर सुर्खियों में बना रहता है, अवैध शराब समेत स्मैक जैसे नशे की गर्त में डूब रही युवापीढी को नशे के दलदल से बचाने समेत अवैध मिट्टी खनन जुए के अड्डों को बंद कराने समेत तमाम अपराधों को बढ़ावा देने वाले कृत्यों में उक्त चौकी अपनी स्थापना से आजतक कोई विशेष कार्य नहीं कर पाई है स्थानीय लोगों की मानें तो चौकी खुलने के बाद यहां अपराधिक वारदातों में अंकुश लगने के वावजूद इजाफा हुआ है।स्थापना के 9 साल बाद भी उक्त चौकी अपने उद्देश्य को ठेंगा दिखाती दिख रही है।
अपराधों को लेकर पुलिस की खामोशी से उक्त चौकी की स्थापना की अवधारणा मूर्त रूप नहीं ले पाई । अवैध शराब स्मैक तस्करी के अलावा अवैध मिट्टी खनन जुए के अड्डों को बंद करने को लेकर यहां पुलिस की बड़ी कार्रवाई का इतंजार है।यहां के तैनात प्रभारियों ने अभी तक अवैध धंधों में लिप्त कारोबारियों की धरपकड़ को लेकर कोई बड़ी कार्यवाही नहीं की है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग में बेतरतीब ओवरलोड अवैध वाहन रोजाना दुर्घटना के सबब बने हुए हैं अभी तक पुलिस यहां फौरी चालानी कार्रवाई करती दिखाई दी है ग्रामीणों की मानें तो चौकी का केवल एक मात्र कार्य सिर्फ बाइक चालकों पर अर्थदंड कर अपने कार्य की इतिश्री कर लेना रहा है जबकि यहां पर ओवरलोड वाहन, बिना परमिट से चलने वाले वाहनों की भरमार लेकिन पुलिस न जाने क्यों इन पर कार्रवाई करने से बचती रही है? इसी के साथ अवैध मिट्टी के गैर कामर्शियल टैक्टर यहां फर्राटे से चलाते हुए निकलते हैं और पुलिस आंखे मूंदे बैठी रहती है। लोगों को वर्तमान में तैनात तेज तर्रार चौकी प्रभारी सोमेंद्र सिंह से काफी उम्मीदे है। अब देखना यह है कि नए चौकी प्रभारी इन अवैध धंधेबाजों पर कैसे नकेल सकते हैं।









