देहरादून: थानो में भारी विरोध के बीच मस्जिद का भूतल किया गया सील, स्थानीय लोगों की शिकायत पर कार्रवाई

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थानो क्षेत्र के ग्राम कण्डोगल, कुडियाल गांव में स्थित जामा मस्जिद व मदरसा के भूतल को मस्जिद पक्ष के भारी विरोध के बीच पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में एमडीडीए की ओर से सील कर दिया गया है। कार्रवाई के बाद काली सेना, बजरंग दल और स्थानीय लोगों की ओर से थानो चौक पर हवन किया गया।

 

थानो में मस्जिद की शिकायत स्थानीय लोगों की ओर से प्रशासन और एमडीडीए से की गई थी। इसके लिए काली सेना, बजरंग दल के सदस्य लगातार पुलिस-प्रशासन और एमडीडीए पर दबाव बना रहे थे। इन संगठनों से जुड़े लोग मस्जिद पर कार्रवाई की मांग को लेकर थानो में कई बाद धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं।

भूतल और उसके बाद प्रथम तल को किया गया सील
एमडीडीए पर मिलीभगत का आरोप लगाते रहे हैं। मस्जिद के प्रथम तल को एमडीडीए द्वारा 17 दिसंबर को सील कर दिया गया था। जबकि भूतल को सोमवार को सील किया गया। काली सेना, बजरंग दल और स्थानीय लोगों का आरोप है कि मस्जिद उत्तराखंड वक्फ बोर्ड और मदरसा बोर्ड में पंजीकृत नहीं थी, जिसकी संबंधित विभागों द्वारा जांच भी की गई थी। जिसके बाद पहले भूतल और उसके बाद प्रथम तल को सील किया गया।

 

सील की कार्रवाई के बाद थानो चौक पर काली सेना, बजरंग दल और स्थानीय लोगों की ओर से क्षेत्र की खुशहाली और शांति के लिए हवन किया गया।  काली सेना के प्रदेश प्रमुख भूपेश जोशी ने कहा कि मस्जिद के भूतल को एमडीडीए द्वारा सील किया गया है। उनकी मांग है कि जल्द ही मस्जिद का ध्वस्तीकरण किया जाए। थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह खोलिया ने कहा कि सील की कार्रवाई एमडीडीए द्वारा की गई है। पुलिस सिर्फ शांति व्यवस्था बनाने के लिए मौके पर गई थी। 

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अवैध निर्माणों पर जारी रहेगी कार्रवाई एमडीडीए
एमडीडीए ने कहा है कि अवैध निर्माण और बिना वैधानिक अनुमति संचालित गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए डोईवाला तहसील के ग्राम कण्डोगल कुड़ियाल (थानो) स्थित एक मस्जिद और मदरसा भवन को सील कर दिया है। प्राधिकरण ने यह कार्रवाई उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन और विकास अधिनियम, 1973 के तहत की है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या समुदाय विशेष को लक्षित करना नहीं, बल्कि कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को नियमानुसार नोटिस, सुनवाई और दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिया गया था लेकिन आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके बाद कार्रवाई करना आवश्यक हो गया। वहीं, एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सभी निर्माण और गतिविधियों का संचालन निर्धारित नियमों एवं वैधानिक स्वीकृतियों के अनुरूप होना अनिवार्य है। भविष्य में भी अवैध निर्माणों, अनधिकृत संस्थानों और बिना अनुमति संचालित गतिविधियों के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, दीपक नौटियाल, नायब तहसीलदार राजेंद्र रावत मौजूद रहे।

मस्जिद को सील किए जाने का विरोध
जमीअत उलेमा-ए-हिंद उत्तराखंड ने थानो गांव स्थित मस्जिद को सील किए जाने का विरोध जताया। उन्होंने कहा कि मस्जिद को खोलकर नमाजियों के आवागमन और इबादत के अधिकार को बहाल करने की मांग की जाएगी। जमीअत के प्रदेश महासचिव मौलाना शराफत अली कासमी ने कहा कि किसी निर्माण विवाद का समाधान धार्मिक गतिविधियों को बंद कराकर नहीं किया जा सकता। जिस मस्जिद का अस्तित्व वर्ष 1985 से है और जिसका एक हिस्सा अल्पसंख्यक कल्याण निधि से सरकारी विभाग की ओर से निर्मित कराया गया हो, उसे अवैध निर्माण बताकर सील करना लापरवाही को उजागर करता है। नमाजियों को मस्जिद तक पहुंचने से रोकना और इबादत के अधिकार को बाधित करना अत्यंत गंभीर विषय है। कासमी ने कहा कि इस मामले को राज्यपाल, राज्य एवं राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग और मानवाधिकार आयोग के समक्ष उठाया जाएगा।

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कार्यकर्ताओं के पहुंचने से पहले हो चुकी थी कार्रवाई
जौलीग्रांट। मस्जिद पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज काली सेना व बजरंग दल के कार्यकर्ता थानो में लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। सोमवार के दिन भी कार्यकर्ताओं को सुबह साढे दस बजे थानो चौक पर इकट्ठा होना था लेकिन उससे पहले ही पुलिस-प्रशासन और एमडीडीए ने मस्जिद के भूतल को सील कर दिया। उसके बाद कार्यकर्ता थानो पहुंचे। 2023 में लोगों ने मस्जिद से तेज लाउडस्पीकर बजाने की शिकायत की थी। 2024 में क्षेत्र पंचायत सदस्य महिपाल सिंह कृषाली द्वारा थानो मस्जिद में अवैध निर्माण की शिकायत एमडीडीए से की गई थी।


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