हल्द्वानी में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के दशम दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कुलाधिपति और राज्यपाल ले. जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने कहा उपाधि केवल शैक्षणिक उपलब्धि का प्रमाण नहीं है। बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का भी संकल्प है। उन्होंने कहा सपनों को हकीकत में बदलने का संकल्प लें। अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को सत्य, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व के मार्ग पर चलते हुए जीवन में निरंतर सीखते रहने का संदेश दिया। राज्यपाल के जोशीले भाषण पर हर बार तालियां बजाकर स्वागत किया गया। समारोह के दौरान मेधावियों को उपाधि देने के बाद विश्वविद्यालय की नवनिर्मित शौर्य दीवार, हिंदी वेबसाइट, प्रगति के सोपान और त्रैमासिक पत्रिका उड़ान का भी लोकार्पण किया।
कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय की शैक्षिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा को घर घर पहुंचाया। कई शिक्षण संस्थान, कारागार, सेना, आईआई टी रुड़की जैसे संस्थानों से समझौता कर उच्च शिक्षा से जोड़ने का काम किया है। अंत में उन्होंने एक बच्चे को मंच पर बुलवाया और उसके साथ जय हिंद के नारे भी लगाए। इससे पूर्व समारोह का शुभारंभ शोभायात्रा, राष्ट्रगान और दीप प्रज्वलन से हुआ। कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने शैक्षणिक सत्र की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार, शोध गतिविधियों एवं शिक्षण गुणवत्ता सुदृढ़ीकरण के प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव ने आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया और राष्ट्रगान के बाद शोभायात्रा के साथ समारोह का समापन हुआ।









