संसद के मानसून सत्र का पहला हफ्ता नीट पेपर लीक और युवाओं के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के चलते हंगामे की भेंट चढ़ गया। अब आज (27 जुलाई) को एक बार फिर संसद के दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही नए सिरे से शुरू होगी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व वाले युवाओं के आंदोलन के खत्म होने और नीट पेपर लीक पर सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के बाद संभावना है कि सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों सदनों में सार्थक बहस में हिस्सा लेंगे। हालांकि, कुछ मुद्दों को लेकर संसद में एक बार फिर विवाद उभरने की आशंका बनी हुई है।
पहले जानें- आगे क्या रहेगा सरकार का एजेंडा, कौन से विधेयकों पर सरकार का ध्यान?
केंद्र सरकार सोमवार को सबसे पहले लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा विधेयक पेश करेगी। इसके अलावा सत्र के दौरान महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक, विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026, आयकर (संशोधन) विधेयक, राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विकास (संशोधन) विधेयक पारित कराने पर जोर देगी।
3. फास्ट-ट्रैक अदालतें और तत्काल न्याय
- सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का अधिकार दिया जाएगा। इन अदालतों में दिन-प्रतिदिन के आधार पर सुनवाई होगी।
- पेपर लीक मामलों की जांच भी दो महीने के अंदर पूरी किया जाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा चार्जशीट दाखिल होने की तारीख से तीन महीने के अंदर ट्रायल पूरा किया जाने का नियम भी रखा गया है।
4. स्पेशल टास्क फोर्स के गठन का प्रावधान
यह संशोधन विधेयक केंद्र सरकार को किसी भी अपराध की जांच के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने का अधिकार भी देता है।
5. छात्रों को कार्रवाई से छूट
इस विधेयक में पढ़ाई करने वाले आम और नियमित छात्रों के हितों की पूरी सुरक्षा का ध्यान रखा गया है। परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को इन गंभीर आपराधिक और दंडात्मक धाराओं से बाहर रखा गया है। इससे निष्पक्ष परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों पर बेवजह कोई कानूनी दबाव नहीं पड़ेगा।







