उत्तरप्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को समीक्षा की। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है और आमजन को परेशान होने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीनी की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर चीनी मिलों का संचालन 15 अक्टूबर से शुरू करने के भी निर्देश दिए।
डीएम कराएं गोदामों का भौतिक सत्यापन
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को जिले में पंजीकृत चीनी मिलों के साथ ही थोक और फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट लेने और निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक या जमाखोरी मिलने पर कठोर कार्रवाई करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। किसी भी जिले में कालाबाजारी या कीमतों में अनुचित बढ़ोतरी की स्थिति में तत्काल शासन को अवगत कराने को कहा।
48 लाख किसानों को 32,554 करोड़ रुपये का भुगतान
बैठक में बताया गया कि पेराई सत्र 2026-27 में प्रदेश में करीब 28.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती संभावित है। इससे करीब 90 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है। प्रदेश में हर महीने लगभग चार लाख टन चीनी की खपत होती है। वहीं, पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को 32,554 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है।





