वैश्विक मोर्चे पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने के सकारात्मक संकेतों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में भारी हलचल पैदा कर दी है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच महीनों से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक रूपरेखा समझौते पर मुहर लगने की उम्मीदों ने सोने और चांदी की मांग को अचानक से बढ़ा दिया है। इसके चलते बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने की कीमतों में 2,900 रुपये की भारी तेजी दर्ज की गई है।
घरेलू बाजार में सोने-चांदी का हाल
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन रा जारी आंकड़ों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 2,900 रुपये (लगभग 2 प्रतिशत) की मजबूत उछाल के साथ 1,55,400 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई है। मंगलवार को पिछले सत्र में यह 1,52,500 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, चांदी की कीमतों में भी लगातार तीसरे दिन शानदार तेजी जारी रही। चांदी 3,500 रुपये (1.4 प्रतिशत) चढ़कर 2,54,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,51,000 रुपये पर थी।
वैश्विक बाजार और तेजी के मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बुलियन मार्केट की इस बंपर तेजी के पीछे मुख्य रूप से कूटनीतिक प्रगति और ऊर्जा बाजारों के बदलते समीकरण जिम्मेदार हैं:
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- अमेरिका-ईरान समझौता: रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देश ‘वन-पेज एग्रीमेंट फ्रेमवर्क’ के करीब पहुंच गए हैं, जिससे भू-राजनीतिक चिंताएं कम हुई हैं।
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- कच्चे तेल और डॉलर में गिरावट: इस कूटनीतिक सफलता की उम्मीदों ने कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट ला दी है। इसके परिणामस्वरूप ऊर्जा बाजारों से जुड़ी मुद्रास्फीति की चिंताएं कम हुई हैं, जिससे सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की मांग बढ़ी है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य: इस संभावित समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य के अहम समुद्री मार्ग से ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार सुचारू होने की उम्मीदें बढ़ी हैं।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार का समर्थन: वैश्विक स्तर पर हाजिर सोना 106.15 डॉलर (2.33%) उछलकर 4,663.70 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है, जबकि चांदी 3.40 डॉलर (4.68%) की बड़ी छलांग के साथ 76.24 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का नजरिया
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि कूटनीतिक तनाव कम होने से सोने में मजबूत रैली देखी गई, जिसने कीमती धातुओं पर दबाव डालने वाले वृहद कारकों को पूरी तरह से पलट दिया है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, बाजार ने अमेरिका-ईरान के बीच एक पेज के समझौता ढांचे की ओर बढ़ने की खबर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी बढ़त के बावजूद, भारतीय रुपये की मजबूती ने घरेलू बाजार में सोने की तेजी को कुछ हद तक सीमित रखा है।






