फंगल इंफेक्शन- हर साल 30 करोड़ लोग हो रहे फंगल संक्रमण का शिकार, WHOने जारी की वैश्विक रणनीति

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कोविड-19 महामारी और एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस (एएमआर) जैसी चुनौतियों के बाद दुनिया अब एक और गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना कर रही है। यह खतरा तेजी से बढ़ रहे फंगल संक्रमणों और एंटीफंगल दवाओं के प्रति विकसित हो रहे प्रतिरोध का है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार हर वर्ष 30 करोड़ से अधिक लोग फंगल संक्रमण से प्रभावित होते हैं। इनमें अनेक मरीज गंभीर रूप से बीमार पड़ते हैं और फंगल संक्रमण मृत्यु का भी कारण बनता है। इस चुनौती से निपटने के लिए डब्ल्यूएचओ ने पहली बार एक व्यापक वैश्विक रणनीति जारी की है, जिसमें जागरूकता बढ़ाने, सस्ती और सुलभ जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने, निगरानी तंत्र मजबूत करने तथा मानव, पशु, कृषि और पर्यावरण को साथ लेकर ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण अपनाने पर विशेष जोर दिया है।  डब्ल्यूएचओ के अनुसार सबसे बड़ी चिंता केवल फंगल संक्रमणों की बढ़ती संख्या नहीं है, बल्कि एंटीफंगल दवाओं के प्रति तेजी से विकसित हो रहा प्रतिरोध है।
दुनिया भर के विशेषज्ञों की राय से तैयार हुई रणनीति
डब्ल्यूएचओ की यह रणनीति दुनिया भर के 150 से अधिक चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से निम्न और मध्यम आय वाले देशों की सहायता करना है, जहां फंगल संक्रमण की पहचान करने वाली प्रयोगशालाएं, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और प्रभावी उपचार सीमित हैं। रणनीति में स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों को फंगल संक्रमण की समय पर पहचान और उचित उपचार के लिए प्रशिक्षित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
वन हेल्थ मॉडल से होगी व्यापक निगरानी
डब्ल्यूएचओ का कहना है कि फंगल संक्रमण से निपटने के लिए वन हेल्थ दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक होगा, जिसमें मानव स्वास्थ्य के साथ पशु स्वास्थ्य, कृषि और पर्यावरण को भी समान महत्व दिया जाएगा। संगठन के अनुसार जब तक खेतों में उपयोग फफूंदनाशकों, पशुओं में इस्तेमाल एंटीफंगल दवाओं पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक इसपर नियंत्रण संभव नहीं होगा।
12 प्राथमिकताओं पर आधारित नया ब्लूप्रिंट
डब्ल्यूएचओ ने इस वैश्विक ब्लूप्रिंट में 12 प्रमुख प्राथमिकताओं की पहचान की है। यह रणनीति सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रबंधकों, वैज्ञानिकों, दवा और जांच संस्थानों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा मरीजों के हित में काम करने वाले समूहों के लिए मार्गदर्शिका का कार्य करेगी। डब्ल्यूएचओ के तकनीकी अधिकारी हातिम सती के अनुसार, फंगल संक्रमण और एंटीफंगल प्रतिरोध को अब तक अधिकतर राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं में पर्याप्त महत्व नहीं मिला है।

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