भाजपा ने अगड़े, पिछड़े और दलित को प्रतिनिधित्व देकर सामाजिक समीकरण साधने का प्रयास भी किया है। जातियों के संतुलन के लिहाज से देखें तो यूपी के आठ चेहरों में तीन ओबीसी (यादव, कुर्मी, मौर्य), एक ब्राह्मण, एक पारसी, एक दलित और दो मुस्लिम को जगह मिली है।
आठ पदाधिकारियों में यूपी से दो मुस्लिमों को जगह देना चौंकाता है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति तारिक मंसूर को उपाध्यक्ष पद पर बनाए रखते हुए पार्टी ने उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। इससे पार्टी उत्तर प्रदेश चुनाव के दौरान संदेश देना चाहती है कि योगी सरकार या भाजपा मुस्लिम विरोधी नहीं है।