बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में मंदिर के पूर्व अधिकारी गिरफ्तार, सीसीटीवी में दिखा, एक अन्य भी रडार पर

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की धनराशि और दान सामग्री की चोरी के मामले में पुलिस ने पूर्व मंदिर अधिकारी व तत्कालीन थाली भेंट गणना प्रभारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेज और मौखिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता सामने आने पर कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी से करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ भी की। इस मामले में संलिप्त एक अन्य भी पुलिस के रडार पर है। जल्द ही पुलिस उसे भी गिरफ्तार कर सकती है।

इस मामले में पुलिस ने 12 जुलाई को बीकेटीसी के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया था, वह अभी न्यायिक अभिरक्षा में पुरसाड़ी कारागार में है। जांच के दौरान पुलिस टीम ने थाली भेंट गणना कक्ष की विभिन्न तिथियों की सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया और संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए।

कई बार 500 रुपये के नोटों की गड्डियां जेब में रखते दिखाई दिए
विवेचना में सामने आया कि थाली भेंट गणना प्रभारी राजेंद्र चौहान ने प्रमोद नौटियाल के साथ मिलकर चढ़ावे की चोरी का आपराधिक षड्यंत्र रचा। वह 30 जून को ही सेवानिवृत्त हुआ था। सीसीटीवी फुटेज में 22, 25 और 29 जून को राजेंद्र चौहान कई बार 500 रुपये के नोटों की गड्डियां, दान सामग्री और आभूषण अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिया। पुलिस ने शुक्रवार को राजेंद्र चौहान को ज्योतिर्मठ से पूछताछ के लिए बदरीनाथ थाना लाकर गिरफ्तार किया। उससे करीब चार घंटे तक पूछताछ की गई।
जांच के पर्यवेक्षक/पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि अभियुक्त से विस्तृत पूछताछ चल रही है। मामले के प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

22 जून की सीसीटीवी फुटेज में भी संदिग्ध गतिविधियां दिखी
बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की पुलिस जांच में 22 जून की सीसीटीवी फुटेज में भी संदिग्ध गतिविधियां दिखी थी। पुलिस इन लोगों की पहचान और भूमिका की पड़ताल में जुटी हुई है। लगातार मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच अधिकारियों के अनुसार  22 और 25 जून की रिकॉर्डिंग का बारीकी से परीक्षण किया गया। फुटेज में कुछ अन्य व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध दिखाई दी है, जिनके संबंध में जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

इस बीच पुलिस ने अहम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित करते हुए मंदिर के सीसीटीवी सिस्टम की डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) को कब्जे में लेकर सील कर दिया था। अधिकारियों का कहना है कि डीवीआर में मौजूद रिकॉर्डिंग की तकनीकी जांच कराई जाएगी और इसे मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट का कहना है कि जांच हर पहलू से की जा रही है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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