पूर्व CJI गवई ने पेश की मिसाल:- शपथ के बाद CJI सूर्यकांत को लगाया गले,उनके लिए अपनी आधिकारिक कार भी छोड़ी

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देश में 53वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जस्टिस सूर्यकांत ने आज राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई, उनके शपथ ग्रहण की खास बात ये रही कि उन्होंने ये हिंदी में ली। इस  दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा मौजूद रहे। इस शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व सीजेआई बीआर गवई और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ समेत तमाम केंद्रीय मंत्री समेत कई अन्य गणमान्य अतिथि भी शामिल हुए। बता दें कि, सीजेआई सूर्यकांत का कार्यकाल 9 फरवरी 2027 तक रहेगा।

 

पूर्व सीजेआई बीआर गवई ने पेश की नई मिसाल
वहीं इस शपथ ग्रहण समारोह के बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई ने एक नई मिसाल पेश की। उन्होंने समारोह के बाद अपने उत्तराधिकारी जस्टिस सूर्यकांत के लिए अपनी आधिकारिक कार भी राष्ट्रपति भवन परिसर में छोड़ी। एएनआई के मुताबिक, पूर्व सीजेआई बीआर गवई ने आज तक मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहते हुए उन्हें दी गई आधिकारिक कार में सफर न करके एक ऐतिहासिक नई मिसाल कायम की है। इसके बजाय, जस्टिस गवई ने मुख्य न्यायाधीश के लिए मिली कार अपने उत्तराधिकारी जस्टिस सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह के बाद राष्ट्रपति भवन में उनके लिए छोड़ दी, ताकि यह पक्का हो सके कि नए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए आधिकारिक कार उपलब्ध रहे।

खास रहा सीजेआई सूर्यकांत का शपथ ग्रहण
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का शपथ ग्रहण ऐतिहासिक रहा क्योंकि इसमें छह देशों- भूटान, केन्या, मलयेशिया, मॉरिशस, नेपाल और श्रीलंका के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज शामिल हुए। यह पहली बार है कि किसी भारतीय मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण में इतनी संख्या में विदेशी न्यायिक प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए।

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सीजेआई सूर्यकांत ने गांधी जी को अर्पित की पुष्पांजलि
शपथ ग्रहण के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

 

न्यायपालिका के लिए अहम वक्त, जस्टिस सूर्यकांत पर पूरा भरोसा’
इधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को कहा कि जस्टिस सूर्यकांत का देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभालना न्याय प्रणाली के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय पर हुआ है। उन्होंने भरोसा जताया कि जस्टिस सूर्यकांत के नेतृत्व में संवैधानिक मूल्यों और कानून के राज पर जनता का भरोसा और मजबूत होगा। जस्टिस सूर्यकांत कई अहम फैसलों का हिस्सा रहे हैं, जिनमें जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने से जुड़ा फैसला भी शामिल है।

खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘जस्टिस सूर्यकांत को मुख्य न्यायाधीश बनने पर मेरी शुभकामनाएं। आने वाले 14 महीने न्याय व्यवस्था के लिए बेहद अहम हैं। मुझे विश्वास है कि उनके नेतृत्व में संवैधानिक मूल्यों और संस्थागत मजबूती को और बल मिलेगा, और हर नागरिक को न्याय का भरोसा मिलेगा।’

 

कोर्ट नंबर 1 में सीजेआई सूर्यकांत ने शुरू किया काम
भारत के 53वें और नए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 1 में अपना काम शुरू कर दिया है। कोर्टरूम में मौजूद वकीलों ने नए सीजेआई, जस्टिस सूर्यकांत का स्वागत किया और उन्हें बधाई दी, जब उन्होंने बेंच पर जस्टिस जॉयमाल्या बागची और अतुल एस. चंदुरकर के साथ सुप्रीम कोर्ट में आधिकारिक कार्यवाही शुरू की।


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