इस्राइल ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने गुरुवार को इस सम्मान की जानकारी दी। कैप्टन मच्छार ने तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में एक बड़ी विमानन आपदा को टालने में अहम भूमिका निभाई थी। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब कैप्टन मच्छार अबू धाबी के एक अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उन्हें विमान के कॉकपिट के अंदर अपने सह-पायलट के कथित हमले के दौरान गंभीर चोटें आई थीं।
कैसे बची 174 यात्रियों की जानें?
ताली मानेस को सबसे पहले खतरे की चेतावनी देने का श्रेय दिया गया। उनके बाद हयौन, ज्विका मानेस, पारडिलोव और राजुआन ने मिलकर सह-पायलट को काबू करने में मदद की। डॉ. मुसायेव, जो पेशे से एक चिकित्सक हैं, उन्होंने घायल पायलट को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की। राष्ट्रपति हर्जोग ने यरूशलम में एकत्र होकर इन ‘साधारण’ इस्राइली नागरिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये लोग असाधारण इन्सान और सच्चे नायक साबित हुए, जिन्होंने पिछले सप्ताह उड़ान को बचाया। हर्जोग ने बताया कि उनके साहस, दृढ़ संकल्प और उल्लेखनीय सूझबूझ के कारण इन नायकों ने एक विनाशकारी विमानन आपदा को रोका। इस घटना से पूरी दुनिया हिल जाती, लेकिन इन लोगों ने 174 अनमोल जानें बचा लीं।
राष्ट्रपति ने किसे दिया धन्यवाद?
इस्राइली राष्ट्रपति ने विमान को संभालने वाले प्रतिस्थापन पायलटों और आपातकाल के दौरान मदद करने वाले अन्य यात्रियों के प्रति भी विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में सभी के सहयोग से ही यह बड़ी त्रासदी टल सकी। हर्जोग ने यात्रियों के कार्यों की प्रशंसा की। राष्ट्रपति हर्जोग ने इस बात पर भी जोर दिया कि यात्रियों की बहादुरी भरी कार्रवाई घटना की पूरी जांच की आवश्यकता को खत्म नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि नागरिक बहादुरी और साधन संपन्नता के बावजूद, हमें इस घटना के सभी सवालों के पूर्ण उत्तर प्राप्त करने के दायित्व से मुक्त नहीं किया जा सकता।
पीएम नेतन्याहू भी जांबाज कैप्टन के मुरीद हुए
गौरतलब है कि बीते दिनों पीएम नेतन्याहू ने अस्पताल में इलाज करा रहे भारतीय पायलट से फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान पीएम नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से कहा, आपका साहस और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी शांत रहने की क्षमता अद्भुत है। आपने कई जिंदगियां बचाईं… आपने दुनिया में मानवता की भावना को बचाया। नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार से कहा, आप भारत और इंस्राइल के लोगों के सच्चे हीरो हैं। आप पूरी दुनिया के हीरो हैं।
क्या जश्न-ए-आजादी में इस्राइल जाएंगे पीएम मोदी और कैप्टन स्मित?
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने मच्छार से कहा कि जब वह स्वस्थ हो जाएंं तो अतिथि के तौर पर इस्राइल आएं। इस्राइल देश उनका आभारी है। सूत्रों के मुताबिक नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्राइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। बता दें कि इस्राइल का स्वतंत्रता दिवस 14 मई को मनाया जाता है।
कैप्टन मच्छार की स्थिति क्या है?
कैप्टन मच्छार अभी भी अबू धाबी के एक अस्पताल में अपनी चोटों से उबर रहे हैं। उनके सह-पायलट द्वारा कॉकपिट के अंदर कथित हमले के कारण उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। उनकी बहादुरी और सूझबूझ ने विमान को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस्राइल द्वारा उन्हें सम्मानित करने का निर्णय उनकी असाधारण वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है। यह सम्मान उनकी बहादुरी को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगा। इससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।





