अयोध्या: मूड़ाडीहा के 60 घरों में घुसा बाढ़ का पानी, कैथी मांझा बना टापू

Spread the love

 

 

रयू के जलस्तर में उफान का दौर जारी है। नेपाल से पानी छोड़े जाने और पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश से सरयू नदी खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। हर घंटे एक सेंटीमीटर सरयू का जलस्तर बढ़ रहा है। पूरा बाजार के मूड़ाडीहा में 60 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। रुदौली में कैथी मांझा गांव टापू बन गया है।

 

लगातार बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण सरयू उफान पर है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक बृहस्पतिवार शाम छह बजे सरयू का जलस्तर 93.03 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से 30 सेंटीमीटर ऊपर है। अयोध्या धाम में श्मशान घाट का इलाका डूब गया है। फटिक शिला आश्रम से मात्र 200 मीटर दूर सरयू का पानी रह गया है। जिस रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है, एक-दो दिन में फटिक शिला आश्रम भी बाढ़ की चपेट में आ जाएगा।

 

सदर तहसील के पिपरी संग्रामपुर के दो पुरवे बाढ़ की वजह से कट गए हैं। इन दोनों पुरवे को जोड़ने के लिए नाव का सहारा लिया जा रहा है। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर राम प्रकाश तिवारी ने लोगों से अपील की है कि वे लोग राजा दशरथ समाधि स्थल पर आ जाएं। वहां पर सभी लोग सुरक्षित रहेंगे और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था है, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं, जो अभी सुरक्षित स्थान पर आने के लिए मना कर रहे हैं। ऐसे में वहां पर एक डॉक्टर और एक पशु चिकित्सक की नियुक्ति की गई है, ताकि उनका मेडिकल चेकअप हो सके। तटीय गांवों में बाढ़ का संकट बढ़ गया है। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है। अधिकारी लगातार बाढ़ क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं।

तटबंध पर ली शरण, मदद का इंतजार

और पढ़े  अंत: प्रेमी जोड़े ने एक साथ दी जान, 7 माह पहले हुआ विवाह, बेटी का चेहरा देखने तक न आए माता-पिता

पूरा बाजार। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से ग्राम मूड़ाडीहा में बाढ़ का कहर टूट पड़ा है। गांव के 60 परिवारों के घरों में पानी घुस गया है। इससे लोग अपने घर छोड़कर राजा दशरथ समाधि स्थल के पास बने बंधे पर शरण लेने के लिए मजबूर हैं। बाढ़ पीड़ितों की स्थिति दयनीय है। उनकी दिनचर्या खतरों के साये में गुजर रही है।

ग्रामीण किशन लाल, ज्वाला, सुकाई, नवमी, रमेश, राकेश और लालचंद ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की है। इसके अलावा सांप-बिच्छुओं का डर हर समय बना रहता है। अब तक प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली है। ग्रामीणों को रोज नाव के जरिये जरूरी सामान लाना पड़ रहा है। राजा दशरथ समाधि स्थल पर तैनात लेखपाल चंचल पांडेय ने बताया कि राहत कार्यों के तहत क्षेत्र में छह नावें लगाई गई हैं। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। प्रभावित परिवारों की उम्मीदें अब प्रशासनिक मदद पर टिकी हैं। उनके लिए सुरक्षित स्थान, पीने का साफ पानी, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं जरूरी हैं।

मदरहिया गांव भी खतरे की जद में आया

रामपुर पुवारी माझा के प्रधान रमेश निषाद ने बताया कि बाढ़ का पानी अब मदरहिया गांव के चारों तरफ फैलने लगा है। हालांकि अभी तक पानी घरों में नहीं घुसा है। काली मंदिर के पास सरयू की धारा पहुंच गई है। सिंचाई विभाग बोरियों में बालू भरकर नदी के पानी को रोकने का प्रयास कर रहा है। ग्रामीणों में ऐसी स्थिति को लेकर चिंता है।

रुदौली के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ा

और पढ़े  HC- सामूहिक दुष्कर्म में पहरा देने या पीड़िता को पकड़ने वाला भी मुख्य अपराधी के बराबर दोषी, सजा बरकरार

शुजागंज। रुदौली के तटवर्ती गांवों में सरयू नदी के जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी के पानी से एक दर्जन गांव के लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। जलस्तर बढ़ने से कैथी मांझा टापू बन गया है। ग्रामीणों के आवागमन का एकमात्र नाव हीसाधन है। कैंथी माझा, सराय नासिर, मुजेहना, महंगू का पुरवा, सल्लाहपुर, अब्बूपुर व मरोचा माझा गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। महंगू का पुरवा के लक्ष्मी प्रसाद सिंह का कहना है बाढ़ से एक हजार एकड़ कृषि योग्य खेती प्रभावित हो रही है। सराय नासिर गांव के त्रिभुवन ने कहा कि खेती प्रभावित हो रही है।

ढेमवा पुल के पास बसे लोगों में कटान की दहशत

सोहावल। सरयू नदी पर बते ढेमवा पुल का संपर्क मार्ग पिछले वर्ष बाढ़ की चपेट में आकर कट जाने के बाद बाढ़ के समय तराई क्षेत्र में बसे लोग जान को जोखिम में डाल कर नाव के सहारे गोंडा से अयोध्या आने व जाने के लिए मजबूर हैं। ढेमवा घाट कछार पर बसे जगत सिंह ने बताया कि दो दिनों से जलस्तर बढ़ रहा है। नदी उस पार साखीपुर के पास लगभग 20 बीघा गन्ना कटान की चपेट में आ गया है। दिन और रात यही चिंता बनी रहती है कि कब कटान हो जाए। गोंडा जाने वाली सड़क पानी में डूब गई है। बाढ़ खंड के कर्मचारी कार्यालय में ताला लगाकर गायब हैं।


Spread the love
  • Related Posts

    यूपी मॉनसून सत्र- सपा विधायक आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश, सदस्यों ने अर्पित की श्रद्धांजलि

    Spread the love

    Spread the loveयूपी विधानमंडल का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है। विपक्षी दलों द्वारा शिक्षक भर्ती, चंदा चोरी समेत विभिन्न मुद्दों पर हंगामा किया गया। साथ ही शोक…


    Spread the love

    बदायूं में कासगंज-बरेली पैसेंजर ट्रेन के इंजन में लगी आग, चालक ने कूदकर बचाई जान

    Spread the love

    Spread the loveबदायूं के बिनावर क्षेत्र में सोमवार सुबह कासगंज-बरेली पैसेंजर ट्रेन के इंजन में अचानक आग लग गई। मालगांव हाल्ट स्टेशन के पास हुई इस घटना से ट्रेन में…


    Spread the love